Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Vastu Tips :घर में बाथरूम बनवाते समय न करें ये गलती, हो सकती है धन हानि! वास्तु के अनुसार जानें सही दिशा

आजकल लगभग हर घर में अटैच्ड बाथरूम होते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार टॉयलेट की गलत दिशा आर्थिक और मानसिक परेशानियों का कारण बन सकती है। जानिए बाथरूम और टॉयलेट के लिए कौन-सी दिशा शुभ मानी जाती है, उत्तर दिशा में टॉयलेट होने पर क्या प्रभाव पड़ता है और वास्तु दोष कम करने के आसान उपाय क्या हैं।
घर में बाथरूम बनवाते समय न करें ये गलती, हो सकती है धन हानि! वास्तु के अनुसार जानें सही दिशा
Vastu Tips for Toilet Facing

आज के समय में लगभग हर घर में अटैच्ड बाथरूम बनवाए जाते हैं। यह सुविधा और प्राइवेसी के लिहाज से अच्छा माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम की दिशा का भी विशेष महत्व होता है। गलत दिशा में बना बाथरूम घर में वास्तु दोष पैदा कर सकता है, जिसका असर आर्थिक और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है।

क्यों बढ़ी अटैच्ड बाथरूम की जरूरत?

90 के दशक के बाद से घरों में अटैच्ड बाथरूम का चलन तेजी से बढ़ा है। पहले पूरे परिवार के लिए एक ही बाथरूम होता था, लेकिन अब लगभग हर कमरे के साथ अलग बाथरूम बनाया जाता है। हालांकि, निर्माण के दौरान कई लोग इसकी दिशा पर ध्यान नहीं देते।

उत्तर दिशा में टॉयलेट को माना जाता है अशुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम और टॉयलेट का संबंध राहु से माना जाता है। ऐसे में यदि टॉयलेट गलत दिशा में बना हो तो यह जीवन में कई तरह की परेशानियां पैदा कर सकता है। विशेष रूप से उत्तर दिशा में बना टॉयलेट वास्तु दोष माना जाता है। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कहा जाता है, जो धन और समृद्धि के देवता माने जाते हैं। यह दिशा धन के आगमन से जुड़ी होती है। ऐसे में यहां टॉयलेट होने से आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।

आर्थिक नुकसान का बन सकता है कारण

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा में टॉयलेट होने पर व्यक्ति की आय तो होती है, लेकिन धन की बचत नहीं हो पाती। धीरे-धीरे आर्थिक परेशानियां बढ़ने लगती हैं। फ्लैट और अपार्टमेंट में यह समस्या आजकल काफी देखने को मिलती है।

Vastu Tips

घर के बीच में न बनाएं बाथरूम

वास्तु शास्त्र में घर के केंद्र स्थान को ब्रह्मस्थान कहा जाता है। इस स्थान को सबसे पवित्र माना जाता है। इसलिए घर के बिल्कुल बीच में कभी भी बाथरूम या टॉयलेट नहीं बनवाना चाहिए।

बाथरूम के लिए कौन-सी दिशा शुभ मानी जाती है?

यदि घर में टॉयलेट बनाना हो तो उत्तर-पश्चिम दिशा को सबसे उपयुक्त माना जाता है। अगर वहां जगह उपलब्ध न हो तो दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के बीच वाले हिस्से (South of South-West) में भी टॉयलेट बनाया जा सकता है।

केवल स्नानघर के लिए ये दिशा है बेहतर

अगर आप केवल नहाने के लिए बाथरूम बना रहे हैं और उसमें टॉयलेट सीट नहीं है, तो पूर्व या उत्तर दिशा को शुभ माना जाता है। इन दिशाओं में सुबह की धूप और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती है।

उत्तर दिशा में टॉयलेट हो तो करें ये उपाय

यदि आपके घर में पहले से उत्तर दिशा में टॉयलेट बना हुआ है तो वास्तु दोष के प्रभाव को कम करने के लिए एक आसान उपाय किया जा सकता है। इसके लिए हरे रंग की कांच की बोतल में मनी प्लांट लगाकर उसे घर की उत्तर दिशा में रखें। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार इससे उत्तर दिशा की ऊर्जा संतुलित होती है और नकारात्मक प्रभाव कम करने में मदद मिलती है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

Latest Posts