फर्जी लोन सेटलमेंट कैंपेन पर RBI सख्त:कर्ज माफी के नाम पर ठगी से रहें सावधान, झूठे वादों में न फंसने की सलाह

RBI ने एक बार फिर आम जनता को कर्ज माफी के नाम पर चल रहे भ्रामक कैंपेन से सतर्क रहने की सलाह दी है। केंद्रीय बैंक ने साफ कहा है कि कुछ व्यक्ति और संस्थाएं लोगों को गुमराह कर रहे हैं और झूठे वादों के जरिए कर्ज माफ कराने का दावा कर रहे हैं। RBI इससे पहले दिसंबर 2023 में भी इसी तरह की चेतावनी जारी कर चुका है लेकिन हाल के दिनों में ऐसे मामलों में फिर तेजी देखी गई है।
बैंकिंग सिस्टम पर भी पड़ रहा असर
RBI ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे फर्जी अभियान सिर्फ लोगों को आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचा रहे बल्कि देश के क्रेडिट सिस्टम यानी बैंकिंग व्यवस्था को भी प्रभावित कर रहे हैं। इससे वित्तीय संस्थानों की स्थिरता पर असर पड़ सकता है और जमाकर्ताओं के हित भी खतरे में पड़ सकते हैं।
कैसे काम करते हैं ये जालसाज
केंद्रीय बैंक के मुताबिक ठग लोगों को फंसाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। ये लोग बैंकों और NBFC के कर्ज को माफ कराने का लालच देते हैं और दावा करते हैं कि वे खास संपर्कों के जरिए लोन खत्म करवा सकते हैं। कई मामलों में लोगों को ‘डेट वेवर सर्टिफिकेट’ जैसे फर्जी दस्तावेज भी थमा दिए जाते हैं ताकि भरोसा बढ़ाया जा सके। इसके अलावा ये गिरोह सर्विस चार्ज या लीगल फीस के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते हैं। आम लोग कर्ज से राहत की उम्मीद में इनके झांसे में आ जाते हैं और बाद में ठगी का शिकार हो जाते हैं।
RBI ने कहा - दावे पूरी तरह फर्जी
RBI ने दो टूक शब्दों में कहा है कि कर्ज माफी का दावा करने वाली ऐसी संस्थाएं या व्यक्ति पूरी तरह फर्जी हैं। इनके खिलाफ मौजूदा कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। केंद्रीय बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी ऑफर या कॉल पर भरोसा न करें।
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ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
RBI ने स्पष्ट किया है कि कर्ज से जुड़ी किसी भी समस्या या जानकारी के लिए ग्राहकों को सीधे अपने बैंक या नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी से ही संपर्क करना चाहिए। केवल अधिकृत संस्थान ही लोन री-स्ट्रक्चरिंग या राहत से जुड़ी सही जानकारी दे सकते हैं। साथ ही अगर किसी को इस तरह की ठगी या फर्जी कैंपेन की जानकारी मिलती है तो तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इसकी सूचना देने की सलाह दी गई है।












