बांग्लादेश के रंगपुर और कुश्तिया में शनिवार को हिंसा की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर जहां रंगपुर में भीड़ ने हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की वहीं कुश्तिया में एक मुस्लिम धर्मगुरु की हत्या कर दी गई।
रंगपुर में एक मुस्लिम युवक रकीब हसन की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने कई हिंदू घरों और दुकानों पर हमला कर दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस हमले के पीछे तीसरे पक्ष का हाथ हो सकता है जिसने हत्या की घटना से ध्यान भटकाने के लिए इस तोड़फोड़ को अंजाम दिया। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस हत्या को लेकर विवाद हुआ उसमें हिंदू समुदाय की कोई भूमिका नहीं थी। रकीब हसन की मां नूर जहां बेगम ने भी साफ कहा कि उन्हें हिंदू समुदाय से कोई शिकायत नहीं है।
रंगपुर के पुलिस कमिश्नर मोहम्मद माजिद अली ने बताया कि तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है। साथ ही असली हत्यारों की भी जांच की जा रही है।
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दूसरी घटना कुश्तिया में हुई, जहां इस्लाम की कथित बेअदबी के आरोप में एक समूह ने स्कूल शिक्षक और धर्मगुरु शमीम रजा जहांगीर की हत्या कर दी। हमलावरों ने उनके धार्मिक स्थल में आग भी लगा दी और उनके कम से कम 7 अनुयायियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
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दोनों घटनाओं के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।