राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन :8 आरोपियों के घर पुलिस की छापेमारी, ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी; 11 जुलाई को होगी बैठक

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच तेज कर दी है। रविवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस की छह टीमों ने एक साथ मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के घरों पर छापेमारी की। इस दौरान परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई, दस्तावेजों की जांच की गई और आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस को शक है कि चोरी किए गए चढ़ावे का हिस्सा या उससे खरीदी गई संपत्तियों से जुड़े अहम सबूत मिल सकते हैं।
उधर, विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था में कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
रविवार सुबह 6 टीमों ने एक साथ मारे छापे
पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों और लेखपालों को भी टीम में शामिल किया गया ताकि आरोपियों की संपत्तियों और जमीनों की भी जांच की जा सके। पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की। बताया जा रहा है कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर ताला लगा मिला।
पुलिस किन बिंदुओं पर कर रही जांच?
छापेमारी के दौरान पुलिस इन पहलुओं की जांच कर रही है-
- आरोपियों की चल-अचल संपत्ति
- घरों में मिले दस्तावेज
- बैंक लेनदेन और वित्तीय रिकॉर्ड
- कथित गबन की रकम से खरीदी गई संपत्तियां
- परिवार के सदस्यों के बयान
- नकदी और अन्य सबूत
पुलिस पहले ही आरोपियों के घरों से करीब 79.85 लाख रुपए बरामद कर चुकी है।
कब हुई गिरफ्तारी?
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई। इसके अगले दिन 26 जून को रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में फैजाबाद जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, पहली रात आरोपी काफी बेचैन रहे और आपस में पूरे मामले को लेकर चर्चा करते रहे।
आरोपी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
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आरोपी |
मंदिर में जिम्मेदारी |
आरोप |
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रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू |
दानपात्रों की देखरेख |
करोड़ों के गबन और संपत्ति खरीदने का आरोप |
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अनुकल्प मिश्रा |
नकदी गिनती |
चढ़ावे की रकम छिपाने का आरोप |
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लवकुश मिश्रा |
कैश काउंटिंग स्टाफ |
चोरी और करोड़ों की संपत्ति बनाने का आरोप |
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सुभाष चंद्र श्रीवास्तव |
कैश काउंटिंग प्रभारी |
निगरानी में लापरवाही और गबन में संलिप्तता |
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करुणेश पांडेय |
दान राशि गिनती |
गबन के पैसों से संपत्ति खरीदने का आरोप |
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मनीष यादव |
चढ़ावे की गिनती |
घर से लाखों रुपए बरामद होने का दावा |
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अविनाश शुक्ला |
नकदी गिनती |
दान राशि चोरी करने का आरोप |
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रमाशंकर मिश्रा |
दानपात्र निगरानी |
चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप |
SIT जांच में क्या-क्या सामने आया?
SIT की प्रारंभिक जांच में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार नकदी की गिनती के दौरान तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। गिनती कक्ष में आने-जाने वाले कर्मचारियों की निगरानी और तलाशी की व्यवस्था कमजोर थी। सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि चढ़ावे की गिनती से जुड़ी CCTV फुटेज, जिसे नियमों के अनुसार 180 दिन तक सुरक्षित रखा जाना चाहिए था, उसे केवल 45 दिन तक ही सुरक्षित रखा गया। जांच में यह भी सामने आया कि नियमों के विपरीत कई दानपात्रों की चाबियां आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास थीं।
ऑडिट रिपोर्ट में भी पहले दी गई थीं चेतावनियां
ऑडिट फर्म ने ट्रस्ट को पहले ही कई सुधारात्मक सुझाव दिए थे।
ऑडिट की प्रमुख सिफारिशें-
- चढ़ावे के लिए मजबूत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली
- सोना-चांदी और बहुमूल्य वस्तुओं का स्टॉक रजिस्टर
- बैंक रिकॉर्ड का नियमित मिलान
- IT डेटा सुरक्षा मजबूत करना
- HR और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार
- इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट और SOP को व्यवस्थित रखना
रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट बनने के बाद नवंबर 2025 तक 4575 करोड़ रुपए से अधिक नकद दान मिलने का दावा किया गया था। इसके अलावा सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य धातुओं के रूप में भी बड़ी मात्रा में चढ़ावा मिला।
ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी
चढ़ावा विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। जानकारी के अनुसार 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक में-
- चंपत राय का इस्तीफा
- डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा
- ट्रस्ट की नई कार्यप्रणाली
- सचिव और CEO की नियुक्ति
प्रोफेशनल चार्टर्ड अकाउंटेंट, पूर्व बैंक अधिकारियों और मैनेजमेंट विशेषज्ञों को जिम्मेदारी देने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा है कि, श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई सोने-चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
SIT जांच की पूरी टाइमलाइन
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तारीख |
कार्रवाई |
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13 जून |
यूपी सरकार ने तीन सदस्यीय SIT बनाई |
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15-20 जून |
ट्रस्ट, कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और एजेंसियों से पूछताछ |
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23 जून |
गृह विभाग को 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी |
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25 जून |
पहली FIR दर्ज |
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26 जून |
आठ आरोपियों की गिरफ्तारी |
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29 जून |
आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी |
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार जारी है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल पूछा कि यदि SIT रिपोर्ट में CCTV फुटेज से छेड़छाड़ जैसी बातें सामने आई हैं तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिली। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राम मंदिर में वीआईपी व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। दूसरी ओर, कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है और दोषियों को कानून के साथ-साथ ईश्वर भी दंड देंगे।











