बेतवा नदी में कूदी बालिका की जान बचाने वाले विनोद पटेरिया को मिला ‘वीरता सम्मान’

रायसेन। सौंठीया पुल से बेतवा नदी में कूदी एक बालिका की जान बचाने वाले रायसेन निवासी विनोद पटेरिया के साहस और मानवीय संवेदना को रविवार को सम्मान मिला। रायसेन जिला विकास समिति एवं बस एक कदम और सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पटेरिया को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर ‘वीरता सम्मान’ से सम्मानित किया गया। विनोद पटेरिया ने अपनी जान की परवाह किए बिना बेतवा नदी में छलांग लगाकर बालिका को सुरक्षित बाहर निकाला था। उनकी बहादुरी की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
‘पटेरिया बालिका के लिए देवदूत बनकर पहुंचे’
समारोह में अरविंद कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने विनोद पटेरिया को सम्मानित करते हुए कहा कि कई बार किसी की जिंदगी बचाने के लिए ईश्वर किसी साधारण इंसान को माध्यम बना देता है। उस समय विनोद पटेरिया भी बालिका के लिए देवदूत बनकर पहुंचे। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना जो वीरता दिखाई, वह सम्मान की हकदार है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहसिक कार्य समाज में मानवता और संवेदनशीलता का संदेश देते हैं। उन्होंने रायसेन जिला विकास समिति के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की भी सराहना की।
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वीरता की स्मृति में लगाए कदंब के पौधे
कार्यक्रम के दौरान विनोद पटेरिया के साहसिक कार्य की स्मृति को स्थायी बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से करणी सेना (जीवन सिंह शेरपुरा टीम) द्वारा सड़क किनारे कदंब के पौधों का रोपण किया गया। आयोजकों ने कहा कि वीरता और पर्यावरण संरक्षण को जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया है। समिति की ओर से शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए कदंब के पौधे लगाने के प्रयासों की भी जानकारी दी गई।
मानवता, साहस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पौधरोपण के दौरान मौजूद लोगों ने लगाए गए कदंब के पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विनोद पटेरिया के मित्रों के अलावा संस्था के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। एक ओर नदी में कूदकर जीवन बचाने की वीरता और दूसरी ओर कदंब के पौधे लगाकर प्रकृति बचाने का संकल्प-कार्यक्रम ने मानवता, साहस और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया।
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