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रायसेन:भीमपुर-कंजई में श्मशान घाट का अभाव, खेत में करना पड़ा अंतिम संस्कार; ग्रामीणों ने लगाए विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप

रायसेन के भीमपुर-कंजई गांव में श्मशान घाट नहीं होने से ग्रामीण को खेत में अंतिम संस्कार करना पड़ा। ग्रामीणों ने विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाए जबकि प्रशासन ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया।
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भीमपुर-कंजई में श्मशान घाट का अभाव

रायसेन जिले की जनपद पंचायत बाड़ी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भीमपुर-कंजई में आज भी ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। करीब 2,400 की आबादी वाले इस गांव में श्मशान घाट, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। हाल ही में हुई एक घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है।

श्मशान घाट नहीं होने से खेत में करना पड़ा अंतिम संस्कार

हाल ही में हुई बारिश के दौरान गांव निवासी अरविंद लोधी की एक दुर्घटना में मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में श्मशान घाट नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को खेत में तिरपाल लगाकर उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस घटना ने पंचायत में विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने लगाए निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोप

ग्रामीण रंजन बघेल, अमर सिंह तेकाम और रामलाल अहिरवार का आरोप है कि पंचायत में श्मशान घाट और टीनशेड का निर्माण वर्षों से लंबित है। उनका कहना है कि सरपंच और सचिव की लापरवाही के कारण यह काम पूरा नहीं हो सका। ग्रामीणों के अनुसार इस संबंध में कई बार जनपद पंचायत बाड़ी के सीईओ दानिश खान को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि श्मशान घाट और मुक्तिधाम के नाम पर राशि स्वीकृत होने के बावजूद जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य नहीं हुआ।

दो टोलों में रहती है 2,400 की आबादी

ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत के भीमपुर-कंजई टोला में लगभग 1,400 और घानाकला में करीब 1,000 लोग रहते हैं। उनका कहना है कि दोनों बस्तियों के लोगों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

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सचिव ने बताया- एक श्मशान बन चुका, दूसरा निर्माणाधीन

ग्राम पंचायत सचिव ने ग्रामीणों के आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए कहा कि भीमपुर-कंजई और घानाकला दो अलग-अलग टोले हैं। उनके अनुसार, अप्रैल माह में एक श्मशान घाट का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि दूसरे श्मशान का निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अरविंद लोधी का अंतिम संस्कार उनके निजी खेत में इसलिए किया गया क्योंकि परिजन वहीं उनकी समाधि बनाना चाहते थे।

सीईओ बोले- होगी जांच, लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

जनपद पंचायत बाड़ी के सीईओ दानिश खान ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और पहले भी इस संबंध में शिकायत मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्यों की समीक्षा कराई जाएगी तथा श्मशान घाट और टीनशेड के निर्माण का कार्य पूरा कराया जाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • गांव में तत्काल पक्का श्मशान घाट और टीनशेड बनाया जाए।
  • सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
  • पंचायत की विकास योजनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे जनपद पंचायत कार्यालय का घेराव करेंगे।

Edited By: Sumit Shrivastava

Buddhi Sharma
By Buddhi Sharma
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