छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां बेटे ने अपने पिता और नानी की गला दबाकर हत्या कर दी। इस पूरे विवाद की जड़ एनटीपीसी से मिले मुआवजे के पैसों का बंटवारा बताया जा रहा है। घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपी बेटे और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतकों की पहचान घुराउ राम सिदार (60) और सुखमेत सिदार (80) के रूप में हुई है। जबकि सुखमेत की बेटी गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज अस्पताल में जारी है। यह वारदात गुरुवार शाम (2 अक्टूबर) को हुई।
ग्राम रायकेरा निवासी आरोपी बेटा रविशंकर सिदार (26) और उसके साथी रामप्रसाद सिदार उर्फ गरिहा (83) ने हत्या की साजिश रची। शाम को दोनों ने मिलकर पहले घुराउ राम का रस्सी से गला घोंटा। जब उसकी मां सुखमेत ने विरोध किया, तो उसे भी मार डाला।
अगली सुबह (3 अक्टूबर) गांव के कोटवार ने दोनों की लाशें घर के आंगन में पड़ी देखीं और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि दोनों की मौत गला दबाने और मारपीट की वजह से हुई है।
पुलिस जांच में पता चला कि हत्या के पीछे मुआवजा राशि का विवाद था। रविशंकर और उसके साथी रामप्रसाद ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल रस्सी भी बरामद की गई।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मुआवजे की कुल राशि कितनी थी।