नरेश भगोरिया, भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी मप्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद चौथी बार यहां आ रहे हैं। वे 24 फरवरी को अमेरिका से ट्रेड डील के विरोध में भोपाल में आयोजित होने वाली कांग्रेस की किसान महापंचायत में शामिल होंगे। मप्र के विधानसभा चुनाव में अभी ढाई साल से ज्यादा समय है लेकिन नवंबर-दिसंबर 2027 में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के नजरिए से कांग्रेस संगठन का काम शुरू हो गया है। यही वजह है राहुल गांधी के मप्र में फेरे अब बढ़ जाएंगे।
भोपाल में को हो रही किसान महाचौपाल दरअसल कपास किसानों के हितों से जुड़ी है। अमेरिका से ट्रेड डील में कपास के निर्यात को लेकर कांग्रेस का दावा है कि इससे कपास के किसान बर्बाद हो जाएंगे। कांग्रेस का मानना है कि बांग्लादेश की अपेक्षा अमेरिका कपास बेचने पर किसानों को नुकसान होगा। भारत को 18 प्रतिशत का टैरिफ भुगतान करना पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ट्रंप के दबाव में केंद्र सरकार ने फोन पर ही डील पक्की कर ली। राहुल गांधी इसके बाद महाराष्ट्र में यवतमाल और फिर आंध्रा में भी ऐसी किसान महाचौपाल करेंगे। उल्लेखनीय है कि ये क्षेत्र भी कपास उत्पादक किसानों के हैं।
इससे पहले राहुल गांधी 17 जनवरी 2026 को एक दिवसीय दौरे पर इंदौर आए थे। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 35 मौते हो चुकी हैं। जब यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया तो राहुल इंदौर पहुंचे। उन्होंने वहां अस्पताल में भर्ती मरीजों से बात की और प्रभावितों से मिलने उस इलाके में भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रभावितों को अपनी ओर से सहायता राशि के रूप में एक-एक लाख रुपए के चेक भी दिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की कार्यशाला में प्रशिक्षण देने राहुल गांधी 8 नवंबर को दो दिनी यात्रा पर मप्र आए थे। वे भोपाल पहुंचकर सीधे पचमढ़ी शिविर में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस जिलाध्यक्षों को संगठन को लेकर टिप्स दिए। संगठन के शिविर में देर से पहुंचने पर राहुल गांधी को दंड स्वरूप पुश अप भी करने पड़े थे। हालांकि राहुल गांधी के इस दौरे को विपक्ष ने टूरिज्म बता दिया था, क्योंकि उस दौरान बिहार चल रहे थे और राहुल चुनावी दौरा छोड़कर हिल स्टेशन पचमढ़ी पहुंचे थे।
राहुल गांधी विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार 3 जून 2025 को कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम राजधानी भोपाल में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि हमें रेस के घोड़े, बारात के घोड़ और लंगड़े घोड़ों में फर्क करना होगा। उन्होंने कहा था कि लंगड़े घोड़ों को रिटायर करना चाहिए। यह बयान उनका खासा चर्चित हुआ था।
मप्र में राहुल गांधी क मप्र कम आने के सवाल पर कांग्रेस विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता कहते हैं कि राहुल गांधी के मप्र के दौरे कम रहे लेकिन वे सोशल मीडिया पर मप्र के मुद्दे उठाते हुए हमेशा यहां से कनेक्ट रहे। छिंदवाड़ा के सिरप कांड, राजगढ़ में स्कूली बच्चों के अखबारी कागज पर मध्याह्न भोजन समेत अन्य विषयों को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और फेसबुक पर उठाया है। इसके अलावा भी अन्य विषयों को वे समय-समय पर उठाते रहे हैं।