इंदौर। बाणगंगा थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह खौफनाक मंजर लेकर आई। एमआर-4 स्थित रेलवे पटरी के किनारे एक युवक की गला रेती लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। राहगीरों ने खून से लथपथ शव देखा तो हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, क्षेत्र को घेरा गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। हालात साफ तौर पर इशारा कर रहे हैं कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि बेरहमी से अंजाम दिया गया कत्ल है।
एसीपी रूबीना मेजबानी ने बताया कि मृतक की पहचान फोजराम (42) पिता लखन नारंग के रूप में हुई है। वह भागीरथपुरा रेलवे क्रॉसिंग के समीप किराए के मकान में रह रहा था। मूल रूप से रावती (छत्तीसगढ़) का निवासी फोजराम करीब एक वर्ष पहले रोजी-रोटी की तलाश में इंदौर आया था और यहां फोटो बाइंडिंग का काम करता था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि फोजराम जिस कमरे में रहता था, वहां उसके साथ 10 से 12 अन्य लोग भी ठहरे हुए थे, सभी छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं। वारदात के बाद पुलिस ने कमरे में रहने वाले सभी लोगों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात सभी ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसके बाद क्या विवाद हुआ, किस बात ने खूनी शक्ल ली—इसी की परतें पुलिस खंगाल रही है। जिस तरीके से गले पर धारदार हथियार से गहरा वार किया गया है, उससे साफ है कि हमला बेहद नजदीक से और पूरी नीयत के साथ किया गया। घटनास्थल से खून के धब्बे, संघर्ष के संकेत और अन्य अहम सुराग मिले हैं। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस हत्या, आपसी रंजिश, पैसों के लेन-देन या शराब के दौरान हुए विवाद—हर एंगल से जांच कर रही है।