Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

MP Police:QR कोड से बदलेगा शिकायत दर्ज करने का तरीका, एमपी पुलिस का बड़ा डिजिटल कदम

भोपाल में पुलिसिंग को ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए एक नई व्यवस्था शुरू की गई है। अब हर थाने के बाहर दो अलग-अलग QR कोड लगाए जाएंगे - एक ट्रैफिक संबंधी समस्याओं के लिए और दूसरा थाने में कामकाज या पुलिस व्यवहार से जुड़ी शिकायतों के लिए। इनको स्कैन करते ही आपकी शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंच जाएगी, जिससे किसी भी तरह की अनदेखी या देर होने की संभावना कम हो जाएगी।
QR कोड से बदलेगा शिकायत दर्ज करने का तरीका, एमपी पुलिस का बड़ा डिजिटल कदम
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की जा रही है। थानों में आने वाली शिकायतों की अनदेखी या देरी रोकने के लिए अब क्यूआर स्कैन कोड सिस्टम लगाया जाएगा। इस कोड को स्कैन करते ही लोग अपनी शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा सकेंगे। भोपाल में यह व्यवस्था अगले सप्ताह से लागू होगी और इसके बाद इसे राज्य के अन्य जिलों में भी विस्तार दिया जाएगा। मध्य प्रदेश पुलिस का मकसद है कि हर शिकायत का समय पर समाधान हो और कोई भी अधिकारी मामले को टाल न सके। राजधानी के सभी थानों के बाहर लगाए जाने वाले इन क्यूआर कोड से आम लोगों को शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी आसानी से समझ में आएगी। कुल मिलाकर, यह नया सिस्टम पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनता के लिए सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

    Uploaded media

    तकनीक से लोगों तक जुड़ने की पहल

    भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि आज के समय में तकनीक सबसे तेज़ और आसान माध्यम है, इसी वजह से पुलिस ने एक क्यूआर कोड सिस्टम शुरू किया है। इस कोड को स्कैन करने पर नागरिक अपने सुझाव, ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी या किसी अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे को सीधे पुलिस तक भेज सकेंगे। हाल ही में हर थाने में एक फीडबैक सिस्टम भी शुरू किया गया है, जिससे लोगों की राय आसानी से मिल सके।

    दो अलग-अलग क्यूआर कोड जारी

    कमिश्नर के अनुसार, जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो तरह के क्यूआर कोड जारी किए गए हैं। पहला ट्रैफिक समस्याओं के लिए है, जिसमें लोग सड़क, जाम या स्थानीय यातायात से जुड़ी दिक्कतें बता सकेंगे। दूसरा कोड थानों के कामकाज और व्यवहार से जुड़े मुद्दों के लिए है, जहां किसी भी प्रकार की शिकायत भेजी जा सकती है। दोनों कोड से मिली जानकारी सीधे कमिश्नर कार्यालय में जाएगी, जहां तुरंत मॉनिटरिंग की जाएगी।

    अन्य जिलों में भी शुरू होगी व्यवस्था

    डिंडोरी जिले में यह सिस्टम पहले से लागू है, जहा शिकायत समाधान की डिजिटल मॉनिटरिंग चल रही है। इसी मॉडल को देखते हुए अब भोपाल के सभी थानों और चौकियों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। यहाँ आने वाली शिकायतों पर डीसीपी स्तर के अधिकारी कार्रवाई करेंगे। भोपाल में इसकी सफलता के बाद इसे अन्य जिलों में भी अपनाया जाएगा।

    डिजिटल मॉनिटरिंग

    डिंडोरी में पहले से ही बड़े क्यूआर बोर्ड लगाए जा चुके हैं, जिससे शिकायतें सीधा सिस्टम में दर्ज होती हैं। अब अन्य जिलों ने भी इस व्यवस्था के लिए अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। भोपाल में भी हर थाने और महत्वपूर्ण चौकियों पर बड़े आकार के क्यूआर कोड बोर्ड लगाए जाएंगे।

    Twitter Post

    आम नागरिकों के लिए आसान शिकायत प्रक्रिया

    यदि किसी व्यक्ति को थाने में एफआईआर दर्ज कराने में समस्या आती है, शिकायत लिखवाई नहीं जाती, या किसी पुलिसकर्मी का व्यवहार ठीक नहीं लगता, तो वह केवल क्यूआर स्कैन करके ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत दर्ज होते ही उसकी सूचना तुरंत पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पहुंच जाएगी, जहाँ रोजाना सभी शिकायतों की समीक्षा होती है।

    थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय होगी

    पुलिस कमिश्नर ने साफ किया कि क्यूआर कोड से आने वाली सभी शिकायतों को तुरंत ट्रैक किया जाएगा। यदि कोई थाना प्रभारी तय समय में शिकायत का समाधान नहीं करता, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस कदम से पुलिस थानों में जिम्मेदारी बढ़ेगी और जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

    Latest Posts