न्यूयॉर्क। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी हलचल मचा दी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में हुई बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों की कड़ी आलोचना की। भारत ने कहा कि, ये हमले न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं, बल्कि रमजान के पवित्र महीने में निर्दोष नागरिकों पर हमला करना मानवता के खिलाफ है।
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि, इन हमलों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं। उन्होंने पाकिस्तान पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि एक तरफ इस्लामिक एकता की बात करना और दूसरी तरफ रमजान के दौरान एयरस्ट्राइक करना गंभीर विरोधाभास है। इस मुद्दे पर UNSC में भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान की कार्रवाई की खुलकर आलोचना की। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि, अफगानिस्तान के क्षेत्र में की गई एयरस्ट्राइक अंतरराष्ट्रीय कानून, यूएन चार्टर और किसी भी देश की संप्रभुता के सिद्धांत का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि, एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामिक एकता की बात करना और दूसरी तरफ रमजान के पवित्र महीने में एयरस्ट्राइक करना दोहरे मापदंड को दर्शाता है। भारत ने इन हमलों को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी खतरा बताया।
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र में यह भी बताया कि इन हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) के आंकड़ों के अनुसार-
भारत ने कहा कि, इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के खिलाफ है और इससे निर्दोष लोगों की जिंदगी पर गंभीर असर पड़ा है।
भारत ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि, ये हमले रमजान के पवित्र महीने में किए गए। भारत का कहना है कि, रमजान इस्लामिक दुनिया में शांति, संयम और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। ऐसे समय में हवाई हमले करना और नागरिकों की मौत होना बेहद चिंताजनक है। भारत ने इसे पाखंड करार देते हुए कहा कि, अगर कोई देश इस्लामिक एकता की बात करता है तो उसे ऐसे कदमों से बचना चाहिए।
भारत और अफगानिस्तान के आरोपों के बाद पाकिस्तान के प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने सुरक्षा परिषद में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि, पाकिस्तान को अपने देश की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। पाकिस्तान का दावा है कि, अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन पाकिस्तान के खिलाफ हमले करने के लिए कर रहे हैं।
पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि, अफगानिस्तान में TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) सक्रिय है। कुछ अन्य आतंकी गुट भी पाकिस्तान के खिलाफ काम कर रहे हैं। पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया कि, भारत इन संगठनों को समर्थन देता है और अफगानिस्तान में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता रहा है। हालांकि भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया।
संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के प्रतिनिधि नसीर अहमद फैक ने भी पाकिस्तान की कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि, हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए। महिलाओं और बच्चों की मौत बेहद दुखद है। ऐसे हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए। अफगानिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है और इसे खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से इन संगठनों का जिक्र किया-
भारत ने कहा कि, इन संगठनों और उनके समर्थकों को सीमा पार आतंकवाद के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
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भारत ने अफगानिस्तान पर लगाई जा रही व्यापार और ट्रांजिट पाबंदियों पर भी चिंता जताई। भारत ने कहा कि, अफगानिस्तान एक लैंडलॉक्ड (समुद्र से घिरा नहीं) देश है और ऐसे देशों के लिए व्यापार मार्ग बेहद जरूरी होते हैं।
भारत ने कहा कि, व्यापार मार्ग बंद करना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। इससे अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ता है। भारत ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का भी हवाला दिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि, तालिबान अब भी आतंकवादी तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है और कई मामलों में फिरौती के लिए लोगों का अपहरण किया जाता है।
उन्होंने कहा कि, इन घटिया तरीकों को खत्म करने की जरूरत है। हालांकि, अमेरिका ने पाकिस्तान के हमलों पर सीधे टिप्पणी नहीं की।
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अपने भाषण के दौरान भारत के प्रतिनिधि ने अफगानिस्तान के युवाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि, आज अफगानिस्तान का कोई भी दौरा करने वाला व्यक्ति वहां युवाओं को उत्साह के साथ क्रिकेट खेलते हुए देख सकता है।
उन्होंने कहा कि, अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है और हाल ही में खत्म हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप में भी उनका जोश देखने लायक था। भारत ने कहा कि, उसे अफगानिस्तान की इस यात्रा का हिस्सा बनने पर गर्व है।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि, सीमा पर झड़पें बढ़ सकती हैं। नागरिकों पर असर पड़ सकता है। आतंकवाद का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।