मोहन शासन :MP सरकार आज ले रही 5800 करोड़ का कर्ज, कुल देनदारी 5 लाख 6 हजार करोड़ से ज्याद पहुंची

केंद्र सरकार भी राज्यों को पूंजीगत खर्च बढ़ाने के लिए 50 साल की अवधि का ब्याज-मुक्त कर्ज उपलब्ध करा रही है। इसी वजह से कई राज्यों ने वित्त वर्ष की शुरुआत से ही अधिक उधारी लेना शुरू कर दिया है।
Follow on Google News
MP सरकार आज ले रही 5800 करोड़ का कर्ज, कुल देनदारी 5 लाख 6 हजार करोड़ से ज्याद पहुंची
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने का फैसला किया है। होली के आसपास 6300 करोड़ रुपए की उधारी लेने के बाद अब राज्य सरकार मंगलवार को तीन नए कर्ज लेने जा रही है। इन कर्जों की कुल राशि 5800 करोड़ रुपए है, जिसका भुगतान बुधवार को किया जाएगा।

    वहीं नई उधारी के साथ चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए कुल कर्ज का आंकड़ा बढ़कर करीब 84,900 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। इसके अलावा प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर लगभग 5 लाख 6 हजार 640 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।

    यह भी पढ़ें: इंदौर में ‘ऑनलाइन स्वाद’ का बढ़ता क्रेज-मोबाइल की घंटी…और दरवाज़े पर खाना!

    अलग-अलग अवधि के बॉन्ड से जुटाई जाएगी राशि

    राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे 5800 करोड़ रुपए के कर्ज को अलग-अलग अवधि के बॉन्ड के माध्यम से जुटाया जाएगा। इसमें 1900 करोड़ रुपए का कर्ज 10 साल के लिए लिया जा रहा है, 1700 करोड़ रुपए का कर्ज 14 साल और 2200 करोड़ रुपए का कर्ज 21 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा। वहीं इन बॉन्ड की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के जरिए की जाएगी।

    कई राज्यों के साथ होगी बॉन्ड की नीलामी

    मंगलवार को मध्य प्रदेश सहित कई राज्य सरकारें बॉन्ड के माध्यम से बाजार से बड़ी राशि उधार लेने वाली हैं। जानकारी के मुताबिक, इस दिन कुल 45,960 करोड़ रुपए के बॉन्ड की नीलामी होगी। इसमें कर्नाटक लगभग 10 हजार करोड़ रुपए और तमिलनाडु करीब 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज उठाएगा। राज्यों द्वारा इस तरह की उधारी आमतौर पर विकास योजनाओं और बजट संतुलन के लिए की जाती है।

    इधर, केंद्र भी दे रहा है ब्याज मुक्त कर्ज

    केंद्र सरकार भी राज्यों को पूंजीगत खर्च बढ़ाने के लिए 50 साल की अवधि का ब्याज-मुक्त कर्ज उपलब्ध करा रही है। इसी वजह से कई राज्यों ने वित्त वर्ष की शुरुआत से ही अधिक उधारी लेना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि राज्य में विकास योजनाओं, उद्योग और कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए बड़ी राशि की जरूरत है। इसके अलावा पुराने कर्ज के मूलधन और ब्याज का भुगतान भी सरकार के खर्च का बड़ा हिस्सा है।

    होली से पहले लिया था 6300 करोड़ का कर्ज

    होली से एक दिन पहले भी राज्य सरकार ने चार अलग-अलग अवधि के कर्ज लेकर कुल 6300 करोड़ रुपए जुटाए थे। वित्त विभाग के नोटिफिकेशन के अनुसार 1800 करोड़ रुपए का कर्ज 9 साल, 1600 करोड़ रुपए का कर्ज 13 साल, 1300 करोड़ रुपए का कर्ज 15 साल और 1600 करोड़ रुपए का कर्ज 23 साल की अवधि के लिए लिया गया था। एक ही दिन में ली गई यह उधारी चालू वित्त वर्ष की सबसे बड़ी मानी गई।

    फरवरी में भी ली गई थी बड़ी उधारी

    इससे पहले 17 फरवरी को भी राज्य सरकार ने चार अलग-अलग कर्ज लिए थे। इनमें 1200 करोड़ रुपए का कर्ज 8 साल, 1400 करोड़ रुपए 13 साल, 1600 करोड़ रुपए 19 साल और 1400 करोड़ रुपए 23 साल की अवधि के लिए लिया गया था। इन सभी कर्जों पर हर छह महीने में ब्याज का भुगतान किया जाएगा।

    पिछले साल से तेजी से बढ़ा कर्ज

    31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपए था। इसके बाद लगातार नई उधारी के कारण राज्य की कुल देनदारी तेजी से बढ़ रही है, जो अब 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा होने की ओर बढ़ रही है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts