पेड़ सूखे तो SDO और सब इंजीनियर पर होगी कार्रवाई, PWD ने जारी किए सख्त निर्देश

सड़कों के निर्माण और रखरखाव के साथ अब सड़क किनारे लगाए गए पौधों और पेड़ों की जिम्मेदारी भी लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियरों की तय की गई है। सड़क किनारे लगाए गए पौधों के सूखने या उनके संरक्षण और रखरखाव में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में संबंधित SDO और सब इंजीनियर की जिम्मेदारी तय होगी। लोक निर्माण विभाग मंत्रालय ने इस संबंध में ताजा निर्देश जारी करते हुए प्रमुख अभियंता (सड़क एवं भवन) को पौधों और पेड़ों के संरक्षण को लेकर सख्ती से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि मार्गों के किनारे लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पौधों की देखभाल में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
विभाग के निर्देश के मुताबिक सड़क निर्माण और मार्गों के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर पौधों के संरक्षण से जुड़े तय मानकों का ठीक से पालन नहीं पाया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए अब अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का फैसला लिया गया है। निर्देशों में कहा गया है कि सड़क किनारे लगाए गए प्रत्येक पौधे के तने के चारों ओर तय मानक के अनुसार 45 सेंटीमीटर तक मिट्टी और मुरम की मल्चिंग की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा पौधों की नियमित सुरक्षा और रखरखाव की निगरानी भी जरूरी होगी। विभाग के मुताबिक, भोपाल में इसी तरह के एक मामले में एक सब इंजीनियर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब प्रदेशभर में पौधों के संरक्षण को लेकर निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
SDO की होगी सीधी जिम्मेदारी
मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। साथ ही अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पौधों के संरक्षण और रखरखाव में लापरवाही या उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारी, निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ प्रचलित नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित उपखंड अधिकारी यानी SDO की होगी।
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अधिकारियों को दिए गए ये निर्देश
- प्रत्येक पौधे के तने के चारों ओर मानक के अनुसार 45 सेंटीमीटर तक मिट्टी और मुरम की मल्चिंग की जाए।
- पौधों की सुरक्षा और रखरखाव की नियमित निगरानी की जाए।
- संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर निरीक्षण करें।
- निर्माण एजेंसी और ठेकेदार द्वारा निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
- पौधों के संरक्षण में लापरवाही मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
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बैठक में भी दिए गए निर्देश
भोपाल में इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है। इसमें अधिकारियों को सड़क किनारे लगाए गए पौधों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि सड़क निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण भी विभाग की जिम्मेदारी का हिस्सा है और लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखना जरूरी है। अब अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होने के बाद सड़क किनारे लगाए गए पौधों की स्थिति की निगरानी बढ़ाई जाएगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी के साथ निर्माण एजेंसी और ठेकेदार पर भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।












