Jagannath Rath Yatra 2026:पुरी प्रशासन अलर्ट, 5 KM का इलाका नो-फ्लाइंग जोन घोषित, ड्रोन उड़ाने पर रोक

भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी में होने वाली भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुरी जिला प्रशासन ने शहर और आसपास के पांच किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 16 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक लागू रहेगा। प्रशासन का कहना है कि यात्रा, बाहुड़ा यात्रा और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा परेशानी से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है।
रथ यात्रा से पहले पुरी में सख्ती
विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार पहले से ही कई जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पुरी जिला प्रशासन ने शहर के पांच किलोमीटर क्षेत्र को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति ड्रोन या किसी अन्य मानव रहित विमान प्रणाली का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी।
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16 जुलाई से 27 जुलाई तक लागू रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ड्रोन उड़ाने पर यह रोक 16 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी। इस दौरान पुरी शहर और आसपास के पांच किलोमीटर इलाके में ड्रोन की उड़ान, संचालन और लॉन्चिंग पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। प्रशासन ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी न आए और श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला
जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान पुरी में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके साथ ही बाहुड़ा यात्रा और कई धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। भीड़भाड़ वाले इलाके में ड्रोन के गलत इस्तेमाल से किसी अप्रिय घटना की संभावना बढ़ सकती है। इसी कारण प्रशासन ने सख्त नियम लागू किए हैं।
इन कामों के लिए मिल सकती है ड्रोन की अनुमति
सभी तरह के ड्रोन इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई है। सरकारी और अधिकृत एजेंसियां जरूरी अनुमति लेकर ड्रोन का उपयोग कर सकती हैं।सुरक्षा निगरानी, हवाई निरीक्षण, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, मैपिंग, दस्तावेज तैयार करने और आपदा प्रबंधन जैसे कामों के लिए सक्षम अधिकारियों की मंजूरी के बाद ड्रोन संचालन की अनुमति दी जा सकती है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
पुरी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केवल उन्हीं एजेंसियों को ड्रोन संचालन की अनुमति होगी जिन्हें जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मंजूरी मिली होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, विमान अधिनियम, विमान नियम और ड्रोन नियमों के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
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भक्तों के स्वागत के लिए तैयार हो रहा पुरी प्रशासन
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार तैयारियों में जुटी हुई हैं। इस बार भी यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।











