Zika Virus Case : पुणे में जीका वायरस के 8 नए मरीज मिले, इनमें 6 प्रेग्नेंट महिलाएं; अब तक 4 की मौत

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में भारी बारिश और बाढ़ के बाद जीका वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिससे जिले में कुल संक्रिमतों की संख्या 81 हो गई है। बुधवार (7 अगस्त) को जीका के 8 नए मरीज मिले हैं, इनमें छह प्रेग्नेंट महिलाएं हैं। शहर में जीका के अब तक कुल 73 मामले सामने आए हैं, इनमें चार मरीजों की मौत हो चुकी है।
वहीं 73 मरीजों में से 32 प्रेग्नेंट हैं। इससे पहले 26 गर्भवती महिलाएं संक्रिमत मिली थीं, अब एक दिन में छह और महिलाओं के संक्रमित होने से इनकी संख्या 32 हो गई है।
4 लोगों की हुई मौत
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 4 लोगों की मौत हुई है। लेकिन इन मरीजों को हृदय संबंधी समस्याएं, लीवर की बीमारियां भी थीं। जिसकी वजह से उनकी हालत बिगड़ गई। इन चारों मरीजों की उम्र 68 से 78 साल के बीच थी।21 जून का आया था पहला मामला
इस साल पुणे में जीका वायरस के संक्रमण का पहला मामला 21 जून को सामने आया था। 46 वर्षीय डॉक्टर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बाद में उनकी 15 वर्षीय बेटी भी वायरस से संक्रमित पाई गई थी।क्या होता है जीका वायरस?
जीका वायरस मच्छरों से फैलने वाली एक खतरनाक बीमारी है। ये बीमारी एडीज मच्छर के काटने से ही फैलती है। एडीज मच्छर दिन के समय ही ज्यादा एक्टिव होते हैं। इस वायरस से होने वाला संक्रमण खतरनाक होता है और मरीज के अस्पताल में भर्ती होने की भी नौबत भी आ सकती है। जीका वायरस फैलने का खतरा एडीज एल्बोपिक्ट्स और एडीज इजिप्टी से होता है।जीका के लक्षण
जीका वायरस से संक्रमित होने पर बुखार और मलेरिया के मिले-जुले लक्षण नजर आते हैं। इसमें बुखार, रैशेज, जोड़ों, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण दिखते हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलता है। ऐसे में बीमार व्यक्ति से करीब 3 हफ्ते तक दूरी बनाकर रखना जरूरी होता है।बचाव
- सामान्य दर्द और बुखार दवाओं से जीका वायरस का इलाज किया जा सकता है।
- आराम और भरपूर पानी के सेवन की सलाह दी जाती है।
- क्योंकि जीका मच्छरों से फैलता है, उनसे बचने का मतलब है जीका से बचना।
- मच्छर स्प्रे को छिड़कना बेहद सहायक हो सकता है।











