जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक वे ओपीडी में नियमित सेवाएं नहीं देंगे।
हड़ताल के कारण अस्पतालों में ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर में फिलहाल केवल अति गंभीर मरीजों का ही इलाज किया जाएगा।
हड़ताल की वजह से प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में हर्निया, रॉड इम्प्लांट और अन्य सामान्य सर्जरी फिलहाल टाल दी गई हैं। इसका सीधा असर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है।
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जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन शासन के आदेश के मुताबिक 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था। हालांकि कई महीने बीत जाने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है और एरियर भुगतान भी लंबित है। इसी को लेकर डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।