ट्रंप ने कहा- डील तैयार,ईरान बोला- अभी नहीं; शांति समझौते पर क्यों फंसा पेंच?

अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी तनाव और टकराव के बीच एक बार फिर शांति समझौते की चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच युद्ध को खत्म करने वाली डील अब बेहद करीब पहुंच चुकी है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। हालांकि ट्रंप के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद ईरान की ओर से अलग संकेत मिले हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि समझौते को लेकर अभी भी कुछ मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है।
ट्रंप ने किया जल्द समझौते का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर जल्द हस्ताक्षर हो सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही यह डील पूरी होगी, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी देशों के लिए सामान्य रूप से खोल दिया जाएगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे थे। अमेरिका की ओर से भी कई बार कहा गया है कि वार्ता सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
ईरान ने ट्रंप के दावे से बनाई दूरी
ट्रंप के बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने अधिक सतर्क रुख अपनाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि तुरंत किसी समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए जाएं। इस्माइल बाघेई ने कहा कि वार्ता प्रक्रिया में प्रगति हो रही है, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। उनके मुताबिक, दूसरे पक्ष की कुछ असंगतियों के कारण समझौते को अंतिम रूप देने में समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल तत्काल डील साइन होने की संभावना नहीं है।
पाकिस्तान निभा रहा है मध्यस्थ की भूमिका
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में पाकिस्तान भी भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में कहा था कि दोनों देशों के बीच समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अपने आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि यदि बातचीत इसी तरह आगे बढ़ती रही तो निकट भविष्य में दोनों पक्ष किसी साझा निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने भी जताई थी उम्मीद
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी हाल के दिनों में बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि वार्ता में प्रगति हो रही है और आने वाले दिनों में कोई महत्वपूर्ण घोषणा हो सकती है। वहीं अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी संकेत दिया था कि समझौते की संभावना पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी है। इससे यह साफ है कि दोनों पक्ष बातचीत जारी रखना चाहते हैं, हालांकि अंतिम सहमति अभी बाकी है।
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन रास्तों में गिना जाता है। पिछले कई महीनों से क्षेत्र में बढ़े सैन्य तनाव की वजह से इस मार्ग पर अनिश्चितता बनी हुई है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ा है।
ये भी पढ़ें: लंदन में भारतीय मूल के युवक की चाकू मारकर हत्या, दुकान के बाहर हुआ हमला; पुलिस जांच में जुटी
पहले भी कई बार बढ़ी उम्मीदें
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हों। इससे पहले भी कई दौर की बातचीत के बाद उम्मीद जगी थी कि दोनों देश किसी स्थायी समाधान पर पहुंच सकते हैं, लेकिन हर बार कुछ मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
हालिया सैन्य तनाव ने बढ़ाई चिंता
इस सप्ताह क्षेत्र में एक बार फिर सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आई थीं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़े तनाव ने मध्य पूर्व में नई चिंता पैदा कर दी थी। हालांकि युद्धविराम लागू होने के बाद स्थिति पहले की तुलना में कुछ शांत हुई है।












