बाघों को डॉग्स के वायरस से बचाने CDV के अलावा 7 और वैक्सीन लगेंगे

टाइगर सेंसस से पहले पन्ना नेशनल टाइगर रिजर्व प्रबंधन सतर्क
बाघों को डॉग्स के वायरस से बचाने CDV के अलावा 7 और वैक्सीन लगेंगे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    संतोष चौधरी, भोपाल। मप्र में अगले साल टाइगर सेंसस होने जा रही है। ऐसे में वन विभाग को बाघों के साथ तेंदुए की भी फिक्र है। यही कारण है कि पन्ना टाइगर  रिजर्व में बाघों के साथ तेंदुओं को कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस (सीडीवी) और अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए पार्क के आसपास के स्ट्रीट डॉग्स का वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू किया गया है।  पहले सिर्फ सीडीवी का टीका लगाया जाता था। अब 7 और बीमारियों के टीके लगाए जा रहे हैं। 3 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान में 85 गांवों के लगभग 2,300 स्ट्रीट डॉग्स का टीकाकरण किया जाएगा। फिलहाल 23 गांवों में यह अभियान चल रहा है। पार्क प्रबंधन के अनुसार, टीकाकरण कार्य पन्ना टाइगर रिजर्व, उसके बफर से जुड़े गांवों में शुरू हो चुका है। लक्ष्य है कि कुत्तों में संक्रमण का रिजर्वायर कम हो। ताकि बीमारी का प्रसार बाघों और तेंदुओं तक न पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार टीकाकरण का पहला चरण अक्टूबर में चलाया गया था, इसमें 1,300 स्ट्रीट डॉग्स को टीके लगाए गए थे। अब  24 नवंबर से दूसरे चरण के तहत 27 गांवों में टीकाकरण किया जाएगा।

    क्या होता है सीडीवी 

    जानकारी के अनुसार, सीडीवी गंभीर वायरल संक्रमण है जो कुत्तों, फेरेट्स, रैकून और लोमड़ी जैसे मांसाहारी जानवरों को प्रभावित करती है। यह श्वसन, जठरांत्र और तंत्रिकाओं को प्रभावित करता है। यह बीमारी टीकाकरण के माध्यम से रोकी जा सकती है। यह मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है। सीडीवी सीधे संपर्क से फैलता है, जैसे संक्रमित जानवरों से हवा में निकली बूंदों के माध्यम से।

    सीडीवी के पुराने मामलों से बढ़ी सतर्कता 

    • वर्ष 2015 में पन्ना में मृत एक बड़े मांसाहारी में सीडीवी की पुष्टि के बाद विभाग लगातार चिंतित रहा है।
    • 2024 में छतरपुर जिले में एक बाघ और एक तेंदुए में सीडीवी जैसे लक्षण पाए गए थे।
    • निगरानी टीमों को आसपास के परिदृश्यों में स्ट्रीट डॉग्स और छोटे जंगली मांसाहारियों में भी वायरल संकेत मिले, जिससे संक्रमण का खतरनाक मार्ग स्पष्ट हुआ।

     

    अभियान में आठ रोगों को शामिल किया गया

    ल्ल  बताया गया कि टीकाकरण को लेकर पहले केवल सीडीवी और रेबीज पर ध्यान था, लेकिन इस बार अभियान में डिस्टेम्पर, पार्वो, एडेनो वायरस, लेप्टोस्पायरोसिस, रेबीज सहित कुल 7 बीमारियां शामिल की गई हैं।

    स्ट्रीट डॉग्स को टीके लगाए जा रहे

    सीडीवी के प्रसार को रोकने के लिए पन्ना टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों के स्ट्रीट डॉग्स का टीकाकरण किया जा रहा है। ये टीके आठ बीमारियों से संबंधित है। इसके तहत 85 गांव के 2,300 कुत्तों को ये टीके लगाए जा रहे हैं। अभी 27 गांव चुने गए हैं।

    डॉ. संजीव गुप्ता, चिकित्सक, पन्ना टाइगर रिजर्व

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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