इंदौर पुलिस की साख पर एक और बड़ा दाग उस वक्त लगा, जब पुलिस लाइन में रहने वाले हेड कांस्टेबल दीपक थापा का बेहद आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में वर्दीधारी जवान बालकनी में अर्धनग्न होकर अशोभनीय हरकतें करता नजर आया, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी की हरकतों से तंग आ चुके पड़ोसियों ने ही यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ। चौंकाने वाली बात यह रही कि वीडियो सामने आने के बाद भी शुरुआती स्तर पर कार्रवाई को लेकर टालमटोली होती रही, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को सख्ती दिखानी पड़ी। उनके निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दीपक थापा को क्राइम ब्रांच से हटाकर लाइन अटैच कर दिया गया। साथ ही विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर उनका कार्यवाहक प्रधान आरक्षक का प्रभार छीन लिया गया और पदावनत कर मूल पद आरक्षक पर भेज दिया गया।
यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत की गई है, जिसमें इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के भीतर अनुशासनहीनता और लापरवाही पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। अधिकारियों का साफ कहना है कि वर्दी की गरिमा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीआरपी लाइन (पूर्व क्राइम ब्रांच) में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक क्रमांक 2801 दीपक थापा पर लगे आरोपों की जांच के बाद डीसीपी (क्राइम) ने उनका प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया। इसके साथ ही उन्हें उनके मूल पद आरक्षक पर भेज दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई विभागीय अनुशासन तोड़ने और कदाचार के मामलों को गंभीरता से लेते हुए की गई है। पुलिस कमिश्नरेट अब अपनी छवि सुधारने के लिए अंदरूनी स्तर पर भी सख्ती बरत रहा है।