
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में हुई इस बड़ी लूट के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन आरपीएफ की मुस्तैदी से एक आरोपी को नकदी और सोने के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है।
17 अप्रैल को हथियारबंद पांच बदमाशों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में धावा बोलकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया था बदमाशों ने बेहद कम समय में करीब 22 लाख रुपये नकद और 5.5 करोड़ रुपये का सोना लूट लिया और मौके से फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस पर जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने का दबाव बन गया। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमें गठित कीं और हर स्तर पर जांच शुरू कर दी गई, आखिरकार आरोपी को रेलवे पुलिस ने पकड़ लिया।
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घटना के अगले दिन सिंगरौली एक्सप्रेस के जनरल कोच में RPF के जवान उमाकांत और मोहम्मद नजर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी, जो बैग को कसकर पकड़े बैठा था। पूछताछ में उसके जवाब संदिग्ध लगे, जिससे जवानों को संदेह हुआ। शक के आधार पर उन्होंने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और आरोपी को बातचीत में उलझाए रखा। जैसे ही ट्रेन डेहरी-ऑन-सोन स्टेशन पहुंची, पहले से तैयार टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया। जवानों की इसी सतर्कता से डकैती का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपी ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और खुद को मजदूर बताया, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसकी सच्चाई सामने आ गई। आरोपी ने लूट में शामिल होने की बात कबूल की और बताया कि उसने चोरी के पैसों से महंगा मोबाइल भी खरीदा था। पुलिस ने उसके पास से 15 लाख 22 हजार रुपये नकद और 61 ग्राम सोना बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके साथियों की तलाश भी तेज कर दी गई है, ताकि पूरे गिरोह के सदस्यों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।