नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में 22 मार्च 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में 8,931 दिन पूरे कर लिए, जिसके साथ ही उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया। चामलिंग ने अपने कार्यकाल में 8,930 दिन तक मुख्यमंत्री पद संभाला था, जो अब तक भारत में सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल माना जाता था।
मोदी का यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह उपलब्धि राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर नेतृत्व करते हुए हासिल की है। उनका यह सफर 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के साथ शुरू हुआ था और आज 2026 में प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल के दौरान एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है।
नरेंद्र मोदी का प्रशासनिक सफर 7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ, जब उन्होंने गुजरात के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उस समय वे विधायक भी नहीं थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्य की कमान सौंपी।
इसके बाद उन्होंने गुजरात में लगातार चुनाव जीते और लगभग 12 साल से अधिक समय तक मुख्यमंत्री पद संभाला। इस दौरान गुजरात में कई बड़े विकास प्रोजेक्ट और औद्योगिक निवेश की पहलें हुईं, जिसने मोदी को राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया।
2014 में जब लोकसभा चुनाव हुए तो भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया। चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और देश के प्रधानमंत्री बने।
गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार शपथ लेते नरेंद्र मोदी।
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक करियर कई मायनों में अनोखा माना जाता है।
गुजरात के मुख्यमंत्री: 7 अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक
भारत के प्रधानमंत्री: मई 2014 से अब तक
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वे राज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वे 2014, 2019 और 2024 लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने। लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और इससे उनकी लोकप्रियता और राजनीतिक पकड़ का अंदाजा लगाया जाता है।

8,931 दिन सरकार के प्रमुख रहने का रिकॉर्ड बनाने के साथ ही नरेंद्र मोदी के नाम कई अन्य उपलब्धियां भी जुड़ी हुई हैं।
1. मुख्यमंत्री के रूप में सबसे लंबा अनुभव रखने वाले प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनके पास मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल से अधिक का अनुभव रहा है।
2. स्वतंत्रता के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री
मोदी स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।
3. लगातार तीन बार प्रधानमंत्री
2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव जीतकर वे तीन बार लगातार प्रधानमंत्री बनने वाले नेताओं में शामिल हैं।
4. गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री
गुजरात में उनका कार्यकाल राज्य के इतिहास का सबसे लंबा मुख्यमंत्री कार्यकाल रहा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उन्होंने भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक 4077 दिन लगातार प्रधानमंत्री पद संभाला था।
22 मार्च 2026 तक नरेंद्र मोदी बतौर प्रधानमंत्री 4318 दिन पूरे कर चुके हैं, जिससे वे लगातार प्रधानमंत्री रहने के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
हालांकि, प्रधानमंत्री पद पर लगातार सबसे लंबे समय तक बने रहने का रिकॉर्ड अब भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है। नेहरू ने 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक लगातार 6126 दिन प्रधानमंत्री पद संभाला था। अगर नरेंद्र मोदी इस रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं तो उन्हें 2029 के बाद भी प्रधानमंत्री पद पर बने रहना होगा। फिलहाल वे नेहरू के रिकॉर्ड से लगभग 1812 दिन पीछे हैं।
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जिस रिकॉर्ड को नरेंद्र मोदी ने पीछे छोड़ा है, वह सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के नाम था। चामलिंग का राजनीतिक करियर भी काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है।
मुख्यमंत्री पद की शुरुआत: 12 दिसंबर 1994
कार्यकाल समाप्त: 26 मई 2019
इस तरह वे लगभग 24 साल 165 दिन तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे।
पवन कुमार चामलिंग से पहले भारत में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के नाम था। ज्योति बसु करीब 23 साल तक मुख्यमंत्री रहे थे। लेकिन चामलिंग ने 1994 से 2019 तक लगातार सत्ता में रहकर यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने लगातार पांच बार चुनाव जीतकर सरकार बनाई।
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पवन कुमार चामलिंग का पूरा रिकॉर्ड एक ही राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में बना था, जबकि नरेंद्र मोदी का रिकॉर्ड दो स्तरों पर बना है।
चामलिंग का रिकॉर्ड
नरेंद्र मोदी का रिकॉर्ड
यानी मोदी ने राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर नेतृत्व करते हुए यह रिकॉर्ड बनाया है, जो इसे और भी खास बनाता है।
नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था। बताया जाता है कि बचपन से ही उनमें सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में रुचि थी। 6 साल की उम्र में उन्होंने महागुजरात आंदोलन में भाग लिया। 8 साल की उम्र में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए। इसके बाद संगठन में लंबे समय तक काम करने के बाद वे भाजपा की राजनीति में सक्रिय हुए और धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर के नेता बन गए।
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नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव और उपलब्धियों से भरा रहा है।
आज वे भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
मोदी की यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में इतने लंबे समय तक नेतृत्व करना आसान नहीं होता, इसलिए यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।