पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच नरेंद्र मोदी ने बड़ा कूटनीतिक संदेश दिया है। उन्होंने ईरान के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और परमाणु सुविधाओं पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करती हैं और ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी असर डालती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने ईद और नवरोज की शुभकामनाएं भी दीं और दोनों देशों के बीच सहयोग पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने बातचीत में खास तौर पर समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह बेहद जरूरी है कि शिपिंग रूट खुले और सुरक्षित रहें। उन्होंने नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने पर भी जोर दिया और कहा कि किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी अपनी चिंता जाहिर की।
उन्होंने लिखा कि पश्चिम एशिया में जारी हालात चिंताजनक हैं और उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि बहाल होगी। साथ ही उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह हैं।
पीएम मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया और इसके लिए ईरान सरकार के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत इस पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य कार्रवाई के चलते हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल के दिनों में ईरान के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और परमाणु ठिकानों पर हमले हुए हैं, जिसके जवाब में ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ऐसे में भारत की ओर से शांति और कूटनीतिक समाधान पर जोर देना इस पूरे घटनाक्रम में अहम माना जा रहा है।