PM Modi:50वें स्थापना दिवस पर सिक्किम को पीएम मोदी ने दी सौगात, 4,000 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन

पीएम मोदी ने 4 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। बता दें कि परियोजनाएं कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़ी हैं। सरकार ने पूर्वोत्तर में तेज विकास के लिए एक्ट फास्ट नीति पर जोर दिया। इसके साथ ही सिक्किम में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार बढ़ाने की दिशा में कई घोषणाएं की गईं।
पूर्वोत्तर भारत की अष्टलक्ष्मी-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में पूर्वोत्तर राज्यों को भारत की अष्टलक्ष्मी करार दिया और कहा कि यह क्षेत्र देश के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार केवल एक्ट ईस्ट तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक्ट फास्ट के जरिए तेज गति से विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। सिक्किम को इस विकास यात्रा में खास स्थान देते हुए उन्होंने कहा कि यहां की प्रगति पूरे पूर्वोत्तर के लिए प्रेरणा है। उन्होंने पिछले वर्षों में किए गए निवेश और परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र की जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने पूर्वोत्तर पर उतना ध्यान नहीं दिया, जितना दिया जाना चाहिए था। अब हालात बदल रहे हैं और विकास जमीन पर नजर आ रहा है।
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कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री ने सिक्किम में बेहतर कनेक्टिविटी को विकास की कुंजी बताया और कई अहम परियोजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सेवक-रंगपो रेलवे लाइन का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे सिक्किम को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा बागडोगरा एयरपोर्ट से गंगटोक को जोड़ने वाले प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पर भी काम हो रहा है, जिससे यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी। तीस्ता नदी पर दो डबल लेन स्टील आर्क पुलों की आधारशिला भी रखी गई है, जो आवागमन को आसान बनाएंगे। बर्डहांग-नामची सड़क के उन्नयन से जिलों के बीच संपर्क और बेहतर होगा। इन परियोजनाओं से पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
100 बिस्तरों वाला आयुर्वेद अस्पताल बनेगा
स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने नामची जिले के यांगंग में 100 बिस्तरों वाले आयुर्वेद अस्पताल की आधारशिला रखी और सोवा रिग्पा पद्धति से जुड़े अस्पताल का उद्घाटन किया। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़ी घोषणाएं की गईं, जिनमें सिक्किम विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस उत्कृष्टता विश्वविद्यालय का प्रशासनिक ब्लॉक शामिल है। गंगटोक में हेलेन लेपचा मेडिकल कॉलेज और ग्यालशिंग में डेंटम प्रोफेशनल कॉलेज का उद्घाटन भी किया गया। इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों में आईटी आधारित ढांचे को मजबूत करने की पहल शुरू हुई है।
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पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
प्रधानमंत्री ने सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि यहां सैकड़ों प्रजातियों के पक्षी और तितलियां पाई जाती हैं, जो इसे पर्यटन के लिए खास बनाती हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिज प्रीसिंक्ट के पुनर्विकास और इको-टूरिज्म परियोजनाओं की शुरुआत की गई है। कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के तहत सिंगतम में सीवरेज सिस्टम सुधार और गंगटोक में नदी प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इन प्रयासों से पर्यटन के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
रोजगार और शहरी विकास को नई दिशा
प्रधानमंत्री ने शहरी विकास और रोजगार सृजन को भी अहम प्राथमिकता बताया। लुम्से में जन सेवा सचिवालय और गंगटोक में सिविल सेवा अधिकारी संस्थान का उद्घाटन किया गया। शहरी गरीबों के लिए आवास योजनाएं और पुलिस कम के लिए नई सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। कृषि क्षेत्र में आईएफएफसीओ प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार करते हुए पाकयोंग में इनडोर क्रिकेट सुविधाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री ने 1 हजार होमस्टे विकसित करने की योजना का भी जिक्र किया, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।












