मुंबई महानगर क्षेत्र को जल्द ही दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मिलने जा रहा है। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (NMIA) छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) के साथ मिलकर काम करेगा ताकि यात्रियों की भीड़ कम हो सके। इससे मुंबई अब एक ‘ग्लोबल मल्टी एयरपोर्ट सिस्टम’ वाले शहरों की सूची में शामिल हो जाएगा।
नवी मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं दिसंबर 2025 से शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, टिकटों की बिक्री अक्टूबर 2025 के अंत तक शुरू होने की संभावना है। शुरुआती चरण में इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख एयरलाइंस यहां से उड़ान भरेंगी।
यह हवाई अड्डा देश का पहला पूर्णतः डिजिटल एयरपोर्ट होगा। यात्री अपने मोबाइल फोन से पार्किंग स्लॉट की प्री-बुकिंग, ऑनलाइन बैगेज ड्रॉप और इमिग्रेशन सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के सीईओ अरुण बंसल ने बताया कि यात्रियों को उनके फोन पर यह जानकारी भी मिलेगी कि उनका सामान किस कैरोसेल नंबर पर उपलब्ध है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां 3,700 मीटर लंबा रनवे, आधुनिक यात्री टर्मिनल और एडवांस एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम होगा। यह बड़े विमानों को भी संभालने में सक्षम होगा।
हवाई अड्डा रणनीतिक रूप से बेहद सुविधाजनक जगह पर बनाया गया है— जेएनपीटी पोर्ट से 14 किलोमीटर, तलोजा एमआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया से 22 किलोमीटर, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक के जरिये) से 35 किलोमीटर, ठाणे से 32 किलोमीटर और भिवंडी से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
यह एयरपोर्ट न केवल मुंबई बल्कि पूरे पश्चिमी भारत के लिए एक बड़ा हब साबित होगा।