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भूकंप क्यों आता है?कुछ देशों में बार-बार क्यों कांपती है धरती, जानिए क्या है 'रिंग ऑफ फायर' का रहस्य

फिलीपींस में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद एक बार फिर 'रिंग ऑफ फायर' चर्चा में है। जानिए भूकंप क्यों आते हैं, कुछ देशों में बार-बार झटके क्यों महसूस होते हैं, रिंग ऑफ फायर क्या है और भारत पर इसका कितना असर पड़ता है।
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कुछ देशों में बार-बार क्यों कांपती है धरती, जानिए क्या है 'रिंग ऑफ फायर' का रहस्य

जब अचानक जमीन हिलने लगती है, इमारतें डोलने लगती हैं और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आते हैं, तब एक ही सवाल उठता है... आखिर भूकंप आता क्यों है? फिलीपींस में सोमवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने एक बार फिर दुनिया को याद दिला दिया कि प्रकृति के सामने इंसान कितना बेबस है।  हाल के वर्षों में जापान, इंडोनेशिया, तुर्किये, चिली और अमेरिका समेत कई देशों में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। कुछ जगहों पर तो सालभर में सैकड़ों छोटे-बड़े भूकंप दर्ज होते हैं।

इसके पीछे कोई संयोग नहीं, बल्कि पृथ्वी की गहराई में चल रही भूगर्भीय गतिविधियां जिम्मेदार होती हैं। आइए समझते हैं कि भूकंप कैसे आता है, कुछ देशों में बार-बार क्यों आता है और आखिर दुनिया भर में चर्चित 'रिंग ऑफ फायर' क्या है।

फिलीपींस में आया 7.8 तीव्रता का भूकंप

फिलीपींस में सुबह आए भूकंप ने इमारतों को हिला दिया, कई ढांचे ढह गए और सुनामी का अलर्ट तक जारी करना पड़ा। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुता,बिक दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप में कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। भूकंप के बाद दर्जनों आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए।

यह भी पढ़ें: Earthquake : फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप, 5 की मौत; इमारतें ढहीं, सुनामी का खतरा बढ़ा

आखिर कैसे आता है भूकंप?

पृथ्वी की सतह एक ठोस परत नहीं है। यह कई विशाल टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार बेहद धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे के नीचे धंसती हैं या एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं, तब उनके बीच भारी दबाव पैदा होता है। यह दबाव लंबे समय तक जमा होता रहता है। जब चट्टानें इस दबाव को सहन नहीं कर पातीं तो अचानक टूट जाती हैं और बड़ी मात्रा में ऊर्जा बाहर निकलती है। इसी ऊर्जा के कारण धरती में कंपन पैदा होता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं।

भूकंप की प्रक्रिया को आसान भाषा में समझिए

चरण

क्या होता है?

1

टेक्टोनिक प्लेटें लगातार खिसकती रहती हैं

2

प्लेटों के बीच दबाव जमा होता है

3

चट्टानें दबाव सहन नहीं कर पातीं

4

चट्टानें टूटती या खिसकती हैं

5

ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है

6

धरती कांपती है और भूकंप महसूस होता है

कुछ देशों में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?

दुनिया के सभी देशों में भूकंप का खतरा समान नहीं होता। जिन देशों के आसपास टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाएं मौजूद हैं, वहां भूकंप की घटनाएं ज्यादा होती हैं। जापान, इंडोनेशिया, फिलीपींस, चिली, न्यूजीलैंड और अमेरिका का पश्चिमी हिस्सा ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं जहां कई प्लेटें एक-दूसरे से लगातार टकरा रही हैं। यही वजह है कि इन देशों में अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इन क्षेत्रों में सालभर में हजारों छोटे और दर्जनों बड़े भूकंप रिकॉर्ड किए जाते हैं।

क्या है 'रिंग ऑफ फायर'?

'रिंग ऑफ फायर' यानी प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के चारों ओर फैला एक विशाल भूगर्भीय क्षेत्र, जो घोड़े की नाल के आकार जैसा दिखाई देता है। यह दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय और ज्वालामुखीय क्षेत्र माना जाता है। इसकी लंबाई करीब 40 हजार किलोमीटर बताई जाती है। दुनिया के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी और सबसे ज्यादा भूकंप इसी क्षेत्र में दर्ज किए जाते हैं।

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रिंग ऑफ फायर में भूकंप इतने ज्यादा क्यों आते हैं?

रिंग ऑफ फायर के आसपास कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें मौजूद हैं। यहां प्लेटों की टक्कर, घर्षण और एक प्लेट का दूसरी प्लेट के नीचे धंसना (Subduction) लगातार होता रहता है। इसी वजह से यहां भूगर्भीय गतिविधियां बहुत अधिक सक्रिय रहती हैं और बार-बार भूकंप व ज्वालामुखी विस्फोट देखने को मिलते हैं। दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप और करीब 75 प्रतिशत सक्रिय ज्वालामुखी इसी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

रिंग ऑफ फायर किन देशों से होकर गुजरता है?

क्षेत्र

प्रमुख देश

दक्षिण अमेरिका

चिली, पेरू, इक्वाडोर

उत्तरी अमेरिका

अमेरिका, कनाडा, अलास्का

एशिया

रूस, जापान, फिलीपींस

दक्षिण-पूर्व एशिया

इंडोनेशिया

ओशिनिया

पापुआ न्यू गिनी, न्यूजीलैंड

जापान में इतने ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं?

जापान दुनिया के सबसे भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि जापान चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु के पास स्थित है। यहां प्लेटों के लगातार टकराने और धंसने की प्रक्रिया चलती रहती है। इसी कारण जापान में हर साल हजारों भूकंप दर्ज किए जाते हैं। हालांकि वहां की मजबूत निर्माण तकनीक और उन्नत चेतावनी प्रणाली बड़े नुकसान को काफी हद तक कम कर देती है।

क्या भारत रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है?

भारत सीधे तौर पर रिंग ऑफ फायर का हिस्सा नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भारत भूकंप से सुरक्षित है। भारतीय प्लेट लगातार उत्तर दिशा की ओर बढ़ रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है। इसी टक्कर के कारण हिमालय का निर्माण हुआ था और यही प्रक्रिया आज भी जारी है। इसी वजह से भारत का हिमालयी क्षेत्र भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

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भारत के कौन से इलाके सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं?

भारत में कई क्षेत्र उच्च भूकंपीय जोखिम वाले माने जाते हैं।

प्रमुख भूकंप संवेदनशील क्षेत्र

  • जम्मू-कश्मीर
  • लद्दाख
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • बिहार
  • सिक्किम
  • असम
  • अरुणाचल प्रदेश
  • नागालैंड
  • मणिपुर
  • मिजोरम
  • मेघालय

इन इलाकों में समय-समय पर मध्यम और तेज तीव्रता के भूकंप दर्ज होते रहते हैं।

भूकंप आने पर क्या करें?

करें

न करें

मजबूत मेज या टेबल के नीचे छिपें

लिफ्ट का इस्तेमाल न करें

सिर और गर्दन को सुरक्षित रखें

खिड़कियों के पास न खड़े हों

खुले मैदान में चले जाएं

अफवाहों पर भरोसा न करें

बिजली और गैस कनेक्शन बंद करें

घबराकर भागने की कोशिश न करें

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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