Papaya Peel Fertilizer:पपीते के छिलकों को कूड़े में फेंकने से पहले जान लें यह कमाल का उपयोग, सूखे पौधे भी हो जाएंगे हरे-भरे

घर में बागवानी करने वाले लोग अक्सर पौधों को हरा-भरा रखने के लिए तरह तरह की खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं। कई बार महंगे फर्टिलाइजर खरीदने के बावजूद पौधों में मनचाहा बदलाव नहीं दिखता। वहीं दूसरी ओर रसोई में निकलने वाले कई जैविक अवशेष ऐसे होते हैं, जिनका सही उपयोग करके पौधों को भरपूर पोषण दिया जा सकता है। पपीते के छिलके भी इन्हीं में से एक हैं। ज्यादातर लोग इन्हें बेकार समझकर फेंक देते हैं लेकिन यही छिलके पौधों की सेहत सुधारने में मददगार साबित हो सकते हैं। अगर सही तरीके से इनका उपयोग किया जाए तो कमजोर और मुरझाए पौधों में भी नई जान आ सकती है।
क्यों फायदेमंद हैं पपीते के छिलके?
पपीते के छिलकों में ऐसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए जरूरी माने जाते हैं। इनमें पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। जब छिलकों से बनी खाद मिट्टी में मिलती है, तो पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और उन्हें धीरे धीरे आवश्यक पोषण मिलता रहता है। यही कारण है कि इस खाद का उपयोग करने से पौधे अधिक स्वस्थ और हरे-भरे नजर आने लगते हैं।
घर पर आसानी से बनाएं लिक्विड खाद
अगर आप पौधों पर जल्दी असर देखना चाहते हैं तो पपीते के छिलकों से लिक्विड खाद तैयार कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले ताजे पपीते के छिलकों को छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद इन्हें किसी प्लास्टिक के डिब्बे या बाल्टी में डालकर पर्याप्त मात्रा में पानी भर दें। चाहें तो इसमें थोड़ा सा गुड़ भी मिला सकते हैं, जिससे खाद बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। अब इस मिश्रण को ढककर दो से तीन दिनों तक किसी छायादार स्थान पर रख दें। इस दौरान छिलकों के पोषक तत्व धीरे धीरे पानी में घुलने लगते हैं। कुछ दिनों बाद जब पानी का रंग बदल जाए तो समझिए कि खाद तैयार हो चुकी है।
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इस्तेमाल से पहले करें यह जरूरी काम
तैयार घोल को सीधे पौधों में डालना सही नहीं माना जाता। यह घोल काफी गाढ़ा हो सकता है, इसलिए इसे इस्तेमाल करने से पहले सामान्य पानी में मिलाना जरूरी है। एक भाग खाद के घोल में लगभग दस भाग पानी मिलाकर इसे पतला कर लें। इसके बाद इस मिश्रण को पौधों की जड़ों के आसपास डालें। इससे पौधों को पोषण मिलेगा और उनकी बढ़वार में सुधार देखने को मिलेगा।
सूखी खाद भी है शानदार विकल्प
जो लोग बार बार लिक्विड खाद तैयार नहीं करना चाहते, उनके लिए सूखी खाद बेहतर विकल्प हो सकती है। इसके लिए पपीते के छिलकों को अच्छी तरह धूप में सुखा लें। जब छिलके पूरी तरह सूख जाएं और सख्त हो जाएं, तब इन्हें मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। यह पाउडर लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसे सीधे पौधों की मिट्टी में मिलाया जा सकता है। धीरे धीरे यह मिट्टी में घुलता है और पौधों को लगातार पोषण देता रहता है।
फूलों वाले पौधों के लिए भी लाभदायक
पपीते के छिलकों से बनी खाद केवल हरे पौधों के लिए ही नहीं, बल्कि फूल देने वाले पौधों के लिए भी काफी उपयोगी मानी जाती है। गुलाब, गुड़हल, मोगरा और अन्य सजावटी पौधों में इसका इस्तेमाल करने से पौधों की सेहत बेहतर बनी रहती है। नियमित उपयोग से पौधों में नई शाखाएं और कलियां आने में भी मदद मिल सकती है।
प्राकृतिक खाद क्यों है बेहतर विकल्प
बाजार में मिलने वाले कई रासायनिक उर्वरक पौधों को तुरंत पोषण तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में मिट्टी की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं पपीते के छिलकों से तैयार खाद पूरी तरह प्राकृतिक होती है। इससे मिट्टी की संरचना बेहतर बनी रहती है और पर्यावरण पर भी कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। साथ ही यह घरेलू कचरे के सही उपयोग का भी अच्छा तरीका है।
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अगर आप अपने गार्डन के पौधों को बिना ज्यादा खर्च किए स्वस्थ और हरा-भरा बनाना चाहते हैं, तो पपीते के छिलकों का इस्तेमाल जरूर करें। रसोई से निकलने वाला यह साधारण जैविक अवशेष पौधों के लिए पौष्टिक खाद में बदल सकता है। थोड़ी सी मेहनत से तैयार की गई यह प्राकृतिक खाद आपके पौधों की ग्रोथ बढ़ाने के साथ साथ मिट्टी को भी उपजाऊ बनाए रखने में मदद कर सकती है।











