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Petrol Price Hike :एक कंपनी ने बढ़ा दिए दाम, पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपए, डीजल में 3 रुपए का इजाफा

ईरान-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का असर अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर साफ नजर आने लगा है। घरेलू रसोई गैस के बाद अब पेट्रोल-डीजल के दाम में भी वृद्धि शुरू हो गई है। एक निजी तेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम गुरुवार से बढ़ा दिए।
एक कंपनी ने बढ़ा दिए दाम, पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपए, डीजल में 3 रुपए का इजाफा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नेशनल डेस्क। नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपए 30 पैसे  प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। खास बात यह है कि अभी तक सरकारी तेल कंपनियों ने अपने सामान्य ईंधन के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि जब सरकारी कंपनियों ने कीमतें नहीं बढ़ाईं, तो नायरा एनर्जी ऐसा कैसे कर सकती है। दरअसल भारत में रिलायंस, नायरा एनर्जी और शेल जैसी निजी कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल की बिक्री करती हैं और इनके दाम कई बार सरकारी कंपनियों से अलग होते हैं।

    देशभर में नायरा के 6967 पेट्रोल पंप 

    नायरा एनर्जी पूरे देश में अपने करीब 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है। सरकारी कंपनियों की तुलना में निजी कंपनियों को किसी तरह की सब्सिडी या नुकसान की भरपाई नहीं मिलती। ऐसे में जब कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो लागत का बोझ सीधे कंपनियों पर पड़ता है। इस स्थिति में उन्हें अपने नुकसान को कम करने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ती है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर असर दिखाई देता है।

    ये कंपनियां अभी भी पुराने रेट पर बेच रहीं फ्यूल

    हालांकि रिलायंस और बीपी के संयुक्त उद्यम Jio-bp ने फिलहाल अपने पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं, जबकि उन्हें भी बाजार की समान परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि प्रतिस्पर्धा बनाए रखने और ग्राहकों को बनाए रखने के लिए कुछ कंपनियां अस्थायी रूप से नुकसान सहन कर रही हैं। लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

    सरकारी कंपनियों ने दाम स्थिर रखे

    देश के लगभग 90 प्रतिशत बाजार हिस्से पर कब्जा रखने वाली सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, जिससे आम लोगों को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि 20 मार्च को प्रीमियम पेट्रोल जैसे XP95 और पावर के दाम में 2.09 से 2.35 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की गई थी। इससे प्रीमियम ईंधन की कीमत करीब 113.77 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है। कुल मिलाकर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर वैश्विक बाजार और कंपनियों की रणनीति दोनों का असर साफ दिखाई देता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार का सीधा असर 

    पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल सरकार तय नहीं करती, बल्कि तेल कंपनियों की लागत, आयात मूल्य और मुनाफे-घाटे का भी इसमें अहम रोल होता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो निजी कंपनियों पर इसका सीधा असर पड़ता है। सरकारी कंपनियों को कई बार नीतिगत कारणों से कीमतें स्थिर रखने का विकल्प मिल जाता है, लेकिन निजी कंपनियों के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं होता। यही कारण है कि कई बार प्राइवेट पेट्रोल पंपों पर ईंधन महंगा देखने को मिलता है। अर्थशास्त्र की भाषा में इसे ‘अंडर-रिकवरी’ की स्थिति भी कहा जाता है, जब कंपनियों को लागत से कम कीमत पर बिक्री करनी पड़ती है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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