पहले के समय में रिश्तों में धोखा यानी सिर्फ शारीरिक संबंध माना जाता था। लेकिन आज, जब हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा मोबाइल और सोशल मीडिया पर बीतता है, तो रिश्तों की सीमाएं भी बदल गई हैं। अब प्यार, बातचीत और जुड़ाव स्क्रीन पर भी होता है। ऐसे में सवाल उठता है क्या इंटरनेट पर किसी और से फ्लर्ट करना भी धोखा है?
किसी की पोस्ट पर लाइक करना, कमेंट करना या कभी-कभी मजाक में तारीफ करना आम बात है। इसे सामान्य सोशल बिहेवियर माना जाता है। कई लोग स्वभाव से ही हंसमुख होते हैं और बातचीत में हल्की-फुल्की फ्लर्टिंग कर लेते हैं। लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है जब ये आदत सीमाएं पार करने लगे।
फ्लर्टिंग तब खतरनाक हो जाती है जब आपका पार्टनर-
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यह स्थिति ‘इमोशनल चीटिंग’ कहलाती है। इसमें शारीरिक रिश्ता नहीं होता, लेकिन दिल का जुड़ाव किसी और से हो जाता है। कई बार ये दर्द, शारीरिक धोखे से भी ज्यादा गहरा होता है।
हर फ्लर्टिंग गलत नहीं होती, लेकिन कुछ संकेत साफ बताते हैं कि मामला गंभीर हैृ
तो समझिए कि यह सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि रिश्ते के लिए खतरे की घंटी है।
कई बार लोग अपनी भावनाओं को दबा देते हैं और खुद को ही गलत समझने लगते हैं। लेकिन अगर आपको बुरा लग रहा है, असुरक्षा महसूस हो रही है तो ये आपकी सच्ची फीलिंग है, इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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रिश्ते को संभालना है तो बातचीत ही सबसे मजबूत रास्ता है। आप ये कदम उठा सकती हैं
अगर आपका पार्टनर आपकी बात सुनने से मना कर दे, आपकी भावनाओं को नजरअंदाज करे, हर बार आपको ही गलत ठहराए और आपके दर्द से कोई फर्क न पड़े तो ये साफ संकेत है कि रिश्ता असंतुलित हो रहा है।
रिश्ते में समझौता जरूरी है, लेकिन अपनी इज्जत और मानसिक शांति की कीमत पर नहीं। अगर चीजें लगातार आपको दुख दे रही हैं, तो खुद को प्राथमिकता देना जरूरी है।
आपकी खुशी, आत्मसम्मान और मानसिक स्वास्थ्य सबसे अहम हैं। जरूरत हो तो किसी विशेषज्ञ से बात करें, लेकिन खुद को खोने न दें।