‘मैं बालिग हूं’!नए दावे के साथ मोनालिसा पहुंची हाईकोर्ट, फरमान संग शादी बचाने की कोशिश तेज

प्रयागराज के कुंभ मेले में माला बेचते हुए एक लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। यही बाद में ‘ वायरल गर्ल मोनालिसा’ के नाम से चर्चा में आ गई। भी सिर्फ स्थानीय पहचान तक सीमित था, वह अब राष्ट्रीय बहसों और कानूनी मामलों तक पहुंच गया है।
इस बार वजह है उनका प्रेम विवाह, उम्र को लेकर विवाद और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में दायर याचिका।
हाईकोर्ट में दायर याचिका: क्या है मामला?
मोनालिसा भोसले और उनके पति फरमान खान ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में एक रिट याचिका दाखिल की है। यह याचिका भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर की गई है। इस याचिका में कई अहम मांगें रखी गई हैं फरमान खान के खिलाफ दर्ज अपहरण के मामले को चुनौती देना, मोनालिसा के जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े रिकॉर्ड को सही या बहाल करना और कुछ दस्तावेजों को गलत और जाली बताते हुए उन्हें रद्द करना।
याचिका में दावा किया गया है कि मोनालिसा की असली जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में इसे गलत तरीके से 2009 दर्ज किया गया, जिससे उन्हें नाबालिग बताया जा रहा है।
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उम्र को लेकर विवाद कैसे शुरू हुआ?
इस पूरे मामले की जड़ उम्र को लेकर उठे सवाल हैं। याचिका में कहा गया है कि कुछ रिकॉर्ड्स में मोनालिसा को नाबालिग दिखाया गया है, जबकि उनका दावा है कि वह बालिग हैं। इसी उम्र के अंतर को लेकर मामला अदालत और पुलिस तक पहुंच गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बाद में कुछ दस्तावेजों को बदलकर या गलत तरीके से तैयार कर उन्हें नाबालिग साबित करने की कोशिश की गई।
याचिका में यह भी मांग की गई है कि जन्मतिथि से जुड़े सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
प्रेम कहानी से शादी तक का सफर
याचिका के अनुसार, मोनालिसा और फरमान खान की मुलाकात केरल में हुई थी। बताया जाता है कि दोनों की मुलाकात एक मलयालम फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई। यहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम में बदल गया। इसके बाद, जब मोनालिसा अपने परिवार के साथ मार्च 2026 में दोबारा केरल गईं, तो वहां शादी का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
मंदिर में शादी और कानूनी पंजीकरण
याचिका में दावा किया गया है कि परिवार की असहमति के बाद भी मोनालिसा और फरमान खान ने शादी करने का फैसला लिया। दोनों ने 11 मार्च 2026 को केरल के पूवार इलाके के एक मंदिर में विवाह किया। यह शादी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई।
इसके बाद उन्होंने केरल विवाह पंजीकरण नियम, 2008 के तहत अपनी शादी का आधिकारिक पंजीकरण भी कराया।
पिता की शिकायत और अपहरण का मामला
इस कहानी में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब मोनालिसा के पिता ने फरमान खान के खिलाफ महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर या अपहरण करके ले जाया गया है। इसी शिकायत के आधार पर फरमान खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया, जो अब अदालत में विचाराधीन है।
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आधार और वोटर आईडी का दावा
याचिका में यह भी कहा गया है कि मोनालिसा के आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों के आधार पर उन्हें बालिग माना जाना चाहिए। उनका दावा है कि इन सरकारी दस्तावेजों में उनकी उम्र सही दर्ज है और इसी को आधार बनाकर उनकी कानूनी स्थिति तय होनी चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी दस्तावेजों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि किसी तरह की गलतफहमी या साजिश का पर्दाफाश हो सके।
पूरा मामला अब कहां पहुंचा?
यह केस अब केवल एक प्रेम विवाह का मामला नहीं रहा। यह अब तीन बड़े मुद्दों से जुड़ चुका है। उम्र और दस्तावेजों की सत्यता, अपहरण के आरोप और विवाह की वैधता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता। एक तरफ परिवार की शिकायत है, तो दूसरी तरफ दंपति अपने रिश्ते और उम्र को वैध साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।











