पांढुर्णा में 45 घंटे से 270 फीट ऊंचे टावर पर बैठा युवक :रेस्क्यू ऑपरेशन भी नाकाम, पुलिस ने तीन भाषाओं में समझाया

पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा शहर में एक युवक पिछले 45 घंटे से बीएसएनएल के करीब 300 फीट ऊंचे टावर पर बैठा हुआ है। उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए प्रशासन, पुलिस और छिंदवाड़ा से पहुंची विशेष रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। युवक टावर की ऊपरी सतह पर बैठा है और उसके हाथ में लोहे की रॉड होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है।
हिंदी, मराठी और गोंडी भाषा में की गई अपील
युवक को नीचे लाने के लिए पुलिस ने लाउडस्पीकर का सहारा लिया। पहले उससे हिंदी में बात की गई, फिर मराठी में समझाने की कोशिश की गई। जब इसका भी असर नहीं हुआ तो इलाके की आदिवासी आबादी को देखते हुए एक स्थानीय व्यक्ति को बुलाकर गोंडी भाषा में भी युवक से बातचीत कराई गई। पूरी रात अलग-अलग समय पर उसे समझाने की कोशिश हुई, लेकिन युवक ने कोई जवाब नहीं दिया और नीचे आने से इनकार करता रहा।
बारिश और तेज हवा ने बढ़ाई मुश्किलें
मंगलवार सुबह मौसम खराब होने से रेस्क्यू ऑपरेशन और चुनौतीपूर्ण हो गया। तेज हवा और मूसलाधार बारिश के कारण लोहे का टावर फिसलन भरा हो गया है। इससे युवक के गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू टीम को हर कदम बेहद सावधानी से उठाना पड़ रहा है। ऐसे में टीम कोई भी जल्दबाजी नहीं कर रही है।
यह भी पढ़ें: भोपाल: नगर निगम में ₹14.69 लाख का टैक्स घोटाला, 106 फर्जी रसीदें काटकर लाखों की हेराफेरी; 4 महीने तक दबा रहा मामला
हाथ में लोहे की रॉड, इसलिए नहीं उठा पा रही टीम जोखिम
प्रशासन के अनुसार युवक के हाथ में लोहे की रॉड है। यदि रेस्क्यू टीम जल्दबाजी में उसके पास पहुंचती है तो वह खुद को या बचावकर्मियों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी वजह से टीम बातचीत के जरिए उसे सुरक्षित नीचे लाने की कोशिश कर रही है।
मौके पर भारी भीड़, पुलिस ने की बैरिकेडिंग
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग टावर के आसपास जमा हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी है। थाना प्रभारी अमित दानी पुलिस बल के साथ लगातार मौके पर मौजूद हैं और पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
पहली प्राथमिकता युवक की जान बचाना : प्रशासन
प्रशासन का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता युवक को सुरक्षित नीचे उतारना है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक टावर पर क्यों चढ़ा और वह नीचे आने से इनकार क्यों कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उसके सुरक्षित नीचे आने के बाद ही उसकी मानसिक स्थिति और इस कदम के पीछे की वजह की जानकारी मिल सकेगी। तब तक पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास में जुटी हुई है।











