लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर ढेर:5 दिनों से छिपा था जाकिर अहमद, शोपियां में ऑपरेशन जारी

सूचना के आधार पर शुरू किए गए इस ऑपरेशन में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर कार्रवाई की। जाकिर गनी का नाम पहलगाम आतंकी हमले के बाद जारी 14 वांछित आतंकियों की सूची में शामिल था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसकी मौत आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता है। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरत रहे हैं।
लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर अहमद गनी मारा गया
शनिवार शाम सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि शोपियां के चनापोरा इलाके में आतंकियों ने ठिकाना बना रखा है। इसके बाद पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया। लगातार कई दिनों तक चलाए गए ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों ओर से घेरकर आतंकियों के बच निकलने के सभी रास्ते बंद कर दिए। आखिरकार पांचवें दिन जाकिर अहमद गनी का शव बरामद कर लिया गया।
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कई सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर की कार्रवाई
इस संयुक्त अभियान में सेना की राष्ट्रीय राइफल्स की कई यूनिट, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और सीआरपीएफ के जवान शामिल रहे। सेना की विक्टर फोर्स ने घने जंगल और बाग वाले इलाके में विशेष रणनीति के साथ मोर्चा संभाला। रात के समय भी निगरानी बनी रहे, इसके लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती और रोशनी की व्यवस्था की गई। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला।
14 आतंकियों की सूची में शामिल था जाकिर अहमद गनी
जाकिर अहमद गनी का नाम उन 14 आतंकियों की सूची में शामिल था, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सार्वजनिक किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह लंबे समय से दक्षिण कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय था। उसका नाम पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों से भी जुड़ता रहा है। यही वजह थी कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार उसकी तलाश में अभियान चला रही थीं।
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एक और आतंकी की तलाश जारी
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि लश्कर से जुड़ा एक अन्य आतंकी लतीफ भट अभी भी इलाके में छिपा हो सकता है। इसी कारण ऑपरेशन अभी पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है। गांवों और आसपास के जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी आतंकी मौके का फायदा उठाकर भागने न पाए।
आतंकियों के नेटवर्क पर लगातार हो रही कार्रवाई
सुरक्षा रिकॉर्ड के अनुसार जाकिर पिछले कुछ वर्षों से लश्कर-ए-तैयबा के लिए सक्रिय था और कई मामलों में जांच एजेंसियों के रडार पर था। यदि उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि पूरी तरह हो जाती है तो वह पहलगाम हमले के बाद जारी सूची का नौवां आतंकी होगा, जिसे सुरक्षाबलों ने मार गिराया है। इससे पहले भी कई बड़े अभियानों में वांछित आतंकियों को ढेर किया जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।












