Pahalgam Terror Attack। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अब एक चश्मदीद गवाह ने जो बयान दिया है, वह चौंकाने वाला है। गवाह ने बताया कि हमले के बाद तीन पाकिस्तानी आतंकियों ने जश्न मनाने के लिए हवा में फायरिंग की। इस बयान के आधार पर एनआईए ने घटनास्थल से कई खाली कारतूस भी बरामद किए हैं।
इस अहम जानकारी देने वाले चश्मदीद को जांच एजेंसियों ने ‘स्टार प्रोटेक्टेड विटनेस’ घोषित किया है। यह व्यक्ति हमले के तुरंत बाद घटनास्थल के पास मौजूद था और आतंकियों से आमना-सामना भी हुआ था। गवाह ने बताया कि आतंकियों ने उसे रोका और कलमा पढ़ने को कहा। उसने कश्मीरी लहजे में कलमा पढ़ा, जिससे आतंकी उसे स्थानीय समझकर छोड़कर चले गए।
गवाह ने यह भी बताया कि उसने दो स्थानीय लोग- परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद को आतंकियों का सामान उठाते हुए देखा था। कुछ समय बाद आतंकी वह सामान लेकर वहां से निकल गए। बाद में जांच में पता चला कि इन दोनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, 21 अप्रैल की दोपहर 3:30 बजे तीन पाकिस्तानी आतंकी परवेज के घर पहुंचे थे। वहां वे चार घंटे तक रुके और इलाके की पूरी जानकारी ली, जैसे – सुरक्षा व्यवस्था, टूरिस्ट स्पॉट्स और रास्ते। जाते समय परवेज की पत्नी से मसाले और चावल पैक करवाए और 500-500 के पांच नोट दिए। फिर वे बशीर से मिलने गए और 22 अप्रैल को दोपहर 12:30 बजे तैयार रहने को कहा।
एनआईए को शक है कि इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी सुलेमान शाह की भी भूमिका रही है। यह वही आतंकी है जो पहले एक सुरंग प्रोजेक्ट में काम कर रहे 7 मजदूरों की हत्या में शामिल था।
अब एनआईए पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें स्थानीय मददगारों की भूमिका, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से संबंध और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लिंक शामिल हैं। लश्कर से आतंकियों के जुड़े होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। एजेंसियां इस हमले के हर पहलू को गहराई से खंगाल रही हैं।