PlayBreaking News

ओवैसी बोले...सिर्फ मुसलमान के नाव में रोजा खोलने से भावनाएं आहत होती हैं

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वाराणसी में नाव पर रोजा खोलने वाले मुस्लिम युवाओं की गिरफ्तारी पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सीवेज से भावनाएं आहत नहीं होतीं, सिर्फ मुसलमानों के रोजा खोलने से होती हैं।
Follow on Google News
सिर्फ मुसलमान के नाव में रोजा खोलने से भावनाएं आहत होती हैं
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हैदराबाद। वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर हुई इफ्तार पार्टी अब सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं रही, बल्कि यह मामला सियासत के केंद्र में आ गया है। 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिससे यह मुद्दा और ज्यादा संवेदनशील बन गया है।

    रमजान में शराब दुकानें क्यों खुली थीं? 

    हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने वाराणसी की घटना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'वाराणसी में 14 मुस्लिम युवकों ने नाव पर अपना रोजा खोला। उनके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया गया। अगर कोई गंगा नदी में नाव पर खाना खा रहा है तो किसी की धार्मिक भावनाएं कैसे आहत हो रही हैं? किसकी धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं? क्या गंगा नदी में सीवरेज का ढेर आपको परेशान नहीं करता?' उन्होंने आगे कहा, 'वे जेल में हैं, उनका एकमात्र अपराध यह है कि वे मुसलमान हैं। आपकी धार्मिक भावनाएं हैं। मेरा क्या? रमजान के महीने में शराब की दुकानें क्यों खुली थीं? उन्हें बंद होना चाहिए था। लेकिन वे खुली रहीं...क्या मेरी धार्मिक भावनाएं आहत नहीं होंगी?'

    वायरल वीडियो से भड़का विवाद

    दरअसल, रमजान के दौरान वाराणसी से एक वीडियो सामने आया, जिसमें कुछ युवक गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार करते नजर आए। वीडियो में देखा गया कि वे बिरयानी खा रहे थे और खाने के बाद हड्डियां नदी में फेंक रहे थे। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों की नाराजगी बढ़ गई और मामला तूल पकड़ने लगा। गंगा की पवित्रता से जुड़ी भावनाओं के चलते यह मुद्दा संवेदनशील बन गया।

    FIR और गिरफ्तारी, कई धाराओं में केस दर्ज

    मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, आपसी वैमनस्य फैलाने और सार्वजनिक उपद्रव के तहत केस दर्ज किया गया। इसके साथ ही जल प्रदूषण से जुड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts