Garima Vishwakarma
18 Jan 2026
अक्सर लोग सोचते हैं कि मुंह की बीमारी सिर्फ दांत और मसूड़ों तक ही सीमित रहती है। दांत में कीड़ा लगना या मसूड़ों से खून आना आम समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन नए शोध से पता चला है कि मुंह में रहने वाले हानिकारक बैक्टीरिया धीरे-धीरे शरीर के अंदर जाकर लिवर जैसे अहम अंग को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यानी अगर आप अपने मुंह की सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं, तो इसका असर सीधे लिवर पर भी पड़ सकता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए अहम है जो पहले से डायबिटीज, मोटापा या शराब पीने की आदत से जूझ रहे हैं।
जर्मनी के म्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 86 मरीजों पर रिसर्च की। उन्होंने मरीजों की लार और मल के नमूने जांचे। शोध में पाया गया कि कुछ बैक्टीरिया, जो सामान्यत: सिर्फ मुंह में पाए जाते हैं, गंभीर लिवर रोग वाले लोगों की आंतों में भी मौजूद थे। इनमें वेलोनेला (Veillonella) और स्ट्रेप्टोकोकस (Streptococcus) शामिल थे।
सामान्य लोगों में ये बैक्टीरिया आंत में नहीं पाए जाते। लेकिन जिन लोगों को क्रॉनिक लिवर रोग होता है, उनके मुंह के बैक्टीरिया आंत तक पहुंच जाते हैं और वहीं रहते हैं। ये बैक्टीरिया एंजाइम बनाते हैं जो आंतों की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचाते हैं। जब यह परत कमजोर हो जाती है, बैक्टीरिया आसानी से खून में घुसकर लिवर तक पहुंच जाते हैं। इससे लिवर में सूजन बढ़ती है और बीमारी गंभीर हो सकती है।
मसूड़ों में मौजूद बैक्टीरिया रोजमर्रा की गतिविधियों जैसे ब्रश करना या चबाने के दौरान खून में प्रवेश कर सकते हैं। खून में आने के बाद ये लिवर तक पहुंचकर सूजन पैदा करते हैं और इम्यून सिस्टम पर दबाव डालते हैं। लंबे समय तक सूजन रहने से फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और गंभीर लिवर रोग का खतरा बढ़ जाता है।
यह समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन अधिक खतरा उन लोगों को होता है-
इन लोगों में पहले से सूजन बनी रहती है, जिससे बैक्टीरिया पनपने का ज्यादा मौका मिलता है।
ये संकेत बताते हैं कि मुंह में बैक्टीरिया बढ़ रहे हैं, जो आगे चलकर पूरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।