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मुंह की सेहत और लिवर का कनेक्शन!मसूड़ों की समस्या को हल्के में न लें, छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी बीमारी

मुंह की सफाई न करने पर लिवर को गंभीर नुकसान हो सकता है। मसूड़ों में बैक्टीरिया फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और अन्य रोगों का खतरा बढ़ाते हैं। डायबिटीज, मोटापा या शराब पीने वाले लोग ज्यादा संवेदनशील हैं। रोजाना ब्रश, फ्लॉसिंग और डेंटिस्ट चेकअप से लिवर और मुंह दोनों की सेहत बचाई जा सकती है।
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मसूड़ों की समस्या को हल्के में न लें, छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी बीमारी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अक्सर लोग सोचते हैं कि मुंह की बीमारी सिर्फ दांत और मसूड़ों तक ही सीमित रहती है। दांत में कीड़ा लगना या मसूड़ों से खून आना आम समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन नए शोध से पता चला है कि मुंह में रहने वाले हानिकारक बैक्टीरिया धीरे-धीरे शरीर के अंदर जाकर लिवर जैसे अहम अंग को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यानी अगर आप अपने मुंह की सफाई का ध्यान नहीं रखते हैं, तो इसका असर सीधे लिवर पर भी पड़ सकता है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए अहम है जो पहले से डायबिटीज, मोटापा या शराब पीने की आदत से जूझ रहे हैं।

    अध्ययन में क्या मिला?

    जर्मनी के म्यूनिख तकनीकी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने 86 मरीजों पर रिसर्च की। उन्होंने मरीजों की लार और मल के नमूने जांचे। शोध में पाया गया कि कुछ बैक्टीरिया, जो सामान्यत: सिर्फ मुंह में पाए जाते हैं, गंभीर लिवर रोग वाले लोगों की आंतों में भी मौजूद थे। इनमें वेलोनेला (Veillonella) और स्ट्रेप्टोकोकस (Streptococcus) शामिल थे।

    बैक्टीरिया मुंह से लिवर तक कैसे पहुंचते हैं?

    सामान्य लोगों में ये बैक्टीरिया आंत में नहीं पाए जाते। लेकिन जिन लोगों को क्रॉनिक लिवर रोग होता है, उनके मुंह के बैक्टीरिया आंत तक पहुंच जाते हैं और वहीं रहते हैं। ये बैक्टीरिया एंजाइम बनाते हैं जो आंतों की सुरक्षा परत को नुकसान पहुंचाते हैं। जब यह परत कमजोर हो जाती है, बैक्टीरिया आसानी से खून में घुसकर लिवर तक पहुंच जाते हैं। इससे लिवर में सूजन बढ़ती है और बीमारी गंभीर हो सकती है।

    डॉक्टर क्या कहते हैं?

    मसूड़ों में मौजूद बैक्टीरिया रोजमर्रा की गतिविधियों जैसे ब्रश करना या चबाने के दौरान खून में प्रवेश कर सकते हैं। खून में आने के बाद ये लिवर तक पहुंचकर सूजन पैदा करते हैं और इम्यून सिस्टम पर दबाव डालते हैं। लंबे समय तक सूजन रहने से फैटी लिवर, लिवर फाइब्रोसिस और गंभीर लिवर रोग का खतरा बढ़ जाता है।

    किन लोगों को ज्यादा खतरा है?

    यह समस्या किसी को भी हो सकती है, लेकिन अधिक खतरा उन लोगों को होता है-

    • डायबिटीज के मरीज
    • ज्यादा वजन वाले या मोटापे से ग्रस्त लोग
    • नियमित शराब पीने वाले
    • कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग

    इन लोगों में पहले से सूजन बनी रहती है, जिससे बैक्टीरिया पनपने का ज्यादा मौका मिलता है।

    मुंह की बीमारी के शुरुआती लक्षण

    • मसूड़ों से बार-बार खून आना
    • मुंह से लगातार बदबू आना
    • मसूड़ों में सूजन या दर्द
    • मसूड़े सिकुड़ना और दांत ढीले होना

    ये संकेत बताते हैं कि मुंह में बैक्टीरिया बढ़ रहे हैं, जो आगे चलकर पूरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    लिवर को सुरक्षित रखने के तरीके

    • दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश करें
    • रोजाना फ्लॉसिंग करें
    • समय-समय पर डेंटिस्ट से जांच कराएं
    • मुंह की किसी भी समस्या को हल्के में न लें
    • शराब से दूरी रखें
    • स्वस्थ खानपान अपनाएं
    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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