भोपाल। राजधानी के कजलीखेड़ा इलाके में ईस्टर पर्व की रात चर्च के बाहर हुई एक युवक पर उसकी पत्नी व बच्चे के सामने चाकू से जान लेवा हमला करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी ने पैसों के लेनदेन को लेकर एक साल पहले फरियादी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी दी थी, लेकिन कोलार थाना में लिखित शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी, इस कारण आरोपी ने साजिश रचने के बाद चर्च के बाहर हमले की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश कर रही है।

थाना पुलिस के मुताबिक, कोलार क्षेत्र में रहने वाला राजेश आस्टिन प्राइवेट नौकरी करता है। वह अक्सर रविवार को गेंहूखेड़ा स्थित चर्च में प्रार्थना करने जाता था। करीब दो साल पहले इसी चर्च में उसकी मुलाकात थामस वर्गीस से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों में अच्छी जान-पहचान हो गई। लेकिन जल्द ही पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। बाद में मामला शांत हो गया, लेकिन अंदरूनी रंजिश बनी रही।
पुलिस के अनुसार 5 अप्रैल की देर रात, ईस्टर पर्व पर करीब एक बजे राजेश अपनी पत्नी व बच्चे के साथ कार में चर्च के बाहर बैठा थे। इसी दौरान तीन बदमाश वहां पहुंचे और उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमला करते समय आरोपियों ने कहा कि थामस और उसकी पत्नी से विवाद करने का यही अंजाम है। हमले में राजेश के हाथ पर चाकू लगे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
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घटना के बाद पुलिस ने पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आरोपी थामस के साले अमित सूर्यवंशी और उसके दोस्त योगेश नाथ शामिल है। आरोपी योगेश नाथ कोलार क्षेत्र का लिस्टेड गुंडा बताया जा रहा है। इनके बाद बुधवार को पुलिस ने हमले की साजिश रचने के आरोप में थामस वर्गीस को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों कोलार क्षेत्र के रहने वाले हैं। फिलहाल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
फरियादी राजेश आस्टिन ने बताया कि आरोपी थामस ने करीब सवा साल पहले पैसों के विवाद को लेकर उसे लारेंस गैंग के नाम से धमकी दी थी। फरवरी 2025 में दो लाख रुपए के उधार को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, तब थामस ने राजेश की पत्नी को फोन पर धमकी देते हुए कहा था कि मैं लॉरेंस गैंग का सदस्य हूं, तुम तीनों को जान से मारने में थोड़ा भी समय नहीं लगेगा। इस घटना के बाद राजेश ने मामले की शिकायत कोलार थाने में की थी, लेकिन पुलिस ने लॉरेंस गैंग के नाम पर मिली धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। जिसका नतीजा यह रहा कि आरोपी थामस ने उस पर हमला करा दिया। यदि वक्त रहते कोलार थाना पुलिस कार्रवाई करती तो फरियादी पर उसके परिवार के सामने हुए हमले की घटना को रोका जा सकता था।