दौर के पास पीथमपुर के बगदून थाना क्षेत्र में रविवार शाम सागर श्री ऑयल कंपनी में गैस रिसाव की चपेट में आने से तीन कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब मजदूर फैक्ट्री के टैंक की सफाई कर रहे थे। अचानक जहरीली गैस रिसाव के चलते तीनों मजदूर बेहोश हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए धार एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, खासकर कंपनी की लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता को लेकर।
घटना रविवार देर शाम बगदून थाना क्षेत्र स्थित सागर श्री ऑयल कंपनी में हुई। बताया जा रहा है कि मजदूर फैक्ट्री के टैंक की सफाई कर रहे थे, तभी जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। पहले एक मजदूर बेहोश हुआ और उसके साथी मदद करने के लिए उसके पास पहुंचे। इसी चक्कर में सभी तीन मजदूर गैस की चपेट में आ गए। मृतकों की पहचान सुनील (35 वर्ष), दीपक (30 वर्ष) और जगदीश के रूप में हुई है, जो पीथमपुर के ही निवासी थे।
घटना के तुरंत बाद उन्हें प्राथमिक इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, फिर एमवाय अस्पताल, इंदौर रेफर किया गया। वहां पर डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना कई घंटे बाद पुलिस को दी गई।
बगदून थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी ने बताया कि अभी तक उन्हें कंपनी प्रबंधन या अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे, तो वहां केवल दो महिलाएं मौजूद थीं, जबकि कंपनी के कोई जिम्मेदार अधिकारी या अन्य कर्मचारी नहीं मिले।
एसपी धार मनोज कुमार सिंह ने इस गंभीर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कंपनी महीने में 4 से 5 दिन सफाई के लिए बंद रहती है, और इस दौरान केवल सफाई का काम होता है। बावजूद इसके मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था में अनदेखी सामने आई है।
मृतक मजदूरों के परिवार में कोहराम मचा है। उनके परिजन रो-रोकर बुरा हाल हैं। मृतकों में से एक के पीछे सात मासूम बच्चे हैं। परिवार का सहारा छिन जाने से परिजनों की हालत बेहाल है। पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
ग्रामीण सवाल कर रहे हैं कि आखिर इस तरह की अनदेखी क्यों हो रही है, जबकि कंपनियों को मजदूर सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए। अब ये सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या इस बार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी समय के साथ धूल में मिल जाएगा।
पीथमपुर क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में पहले भी इस तरह की लापरवाही से कई हादसे हो चुके हैं। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कंपनियों की उदासीनता लगातार चर्चा में रही है।