ओडिशा पुलिस और सुरक्षा बलों ने क्रिसमस के दिन एक बड़े ऑपरेशन में CPI (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और ओडिशा में माओवादी गतिविधियों के मुख्य कमांडर गणेश उइके को मार गिराया। 69 वर्षीय गणेश उइके पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
इस मुठभेड़ में कुल चार माओवादी मारे गए हैं, जिनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं। यह कार्रवाई माओवादियों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।
ओडिशा पुलिस के नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), CRPF और BSF की संयुक्त टीम ने यह ऑपरेशन किया। मुठभेड़ कंधमाल और गंजम जिलों की सीमा पर स्थित राम्पा के जंगल में हुई।
स्पेशल इंटेलिजेंस विंग से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया था। जंगल में जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवानों ने जवाब दिया। भारी मुठभेड़ के बाद चार नक्सली मारे गए।
मुठभेड़ स्थल से दो INSAS राइफल और एक .303 राइफल बरामद की गई है। इलाके में अभी भी सर्च और कंबिंग ऑपरेशन जारी है।
गणेश उइके लंबे समय से ओडिशा में सक्रिय था और माओवादी संगठन में अहम भूमिका निभा रहा था। उसे ओडिशा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और वह छत्तीसगढ़ में भी सक्रिय था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह साउथ सब-जोनल का इंचार्ज था और करीब 7 राज्यों में उसकी तलाश की जा रही थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गणेश उइके के मारे जाने पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि उसकी मौत के साथ ओडिशा में नक्सलवाद लगभग खत्म होने की कगार पर है और सरकार 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इसे ओडिशा में माओवादी गतिविधियों के लिए बड़ा झटका बताया है। केंद्र सरकार के लक्ष्य के तहत राज्य में नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज किए जा रहे हैं।