जबलपुर। ओबीसी आरक्षण पर गुरुवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने 27 अप्रैल से नियमित सुनवाई के निर्देश दिए। बेंच ने सुनवाई के लिए दोपहर 12:30 बजे का समय निर्धारित किया है। अशिता दुबे व 11 अन्य की ओर से दायर इन मामलों में प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने को चुनौती दी गई थी।
तत्कालीन सरकार ने 8 जुलाई 2019 को आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने के संबंध में विधानसभा से बिल पारित किया और फिर उसका गजट नोटिफिकेशन 17 जुलाई 2019 को प्रकाशित किया था। आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाए जाने को इन मामलों में असंवैधानिक और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों के खिलाफ बताया गया है।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी, रामेश्वर सिंह ठाकुर, अधिवक्ता अंशुमान सिंह, वरुण ठाकुर और राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केएम नटराज व अतिरिक्त महाधिवक्ता ब्रम्हदत्त सिंह ने दलीलें रखीं। सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों की सुनवाई के लिए फिक्स टाइम लाइन तय की है, इसलिए इन मामलों को अंतिम रूप से 27 से 29 अप्रैल के बीच सुनवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट में लंबित सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त 2024 को अपने पास बुला लिए थे। इस पर मप्र हाईकोर्ट ने 2 सितम्बर 2024 को ये सभी 10 मामले ट्रांसफर कर दिए थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी 2026 को वापस मप्र हाईकोर्ट सुनवाई के लिए ट्रांसफर किए थे।