
सीधी। जिले में बारिश के कारण चिनगवाह से डेवा मार्ग का पुल क्षतिग्रस्त हो गया। यह पुल करीब 50 लाख लागत से तैयार किया गया था, लेकिन बारिश का एक सीजन भी नहीं झेल पाया। जानकारी के अनुसार कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग ने मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व को निर्माण कार्य के संबंध में 10 अक्टूबर 2023 को पत्र जारी किया था।
इसके अनुसार बड़काडोल से दुबरी मार्ग विकासखंड कुसमी के लिए पुल बनाने 1 करोड़ 3 लाख 78 हजार स्वीकृत हुए थे। इसका प्रोजेक्ट कॉस्ट 5 लाख 18 हजार 900 रुपए विभाग में जमा किया गया था। बड़काडोल से दुबरी मार्ग पर चिनगवाह से डेवा के बीच कोडमार नदी पर पुल बनाया गया था। इसके निर्माण से 9 गांवों के ग्रामीणों को फायदा है।
उल्लेखनीय है कि सीधी जिले में ऐसी कोई नदी नहीं है, जिसमें अभी तक ज्यादा पानी बढ़ा हो, लेकिन थोड़ी से ही बरसात में छोटी नदी में जब 2 घंटे में पानी बढ़ा तो पुल धराशाई हो गया। इस मामले को लेकर राकेश सिंह उपयंत्री से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि मैं अभी दवा कराने जिले से बाहर आया हूं। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। वापस आने के बाद इस मामले को दिखवाता हूं।
एक दिन पूर्व बालाघाट में निर्माणाधीन पुल बहा
बालाघाट। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को जनपद पंचायत लालबर्रा की ग्राम पंचायत औल्याकन्हार के अंतर्गत ग्राम मुरलीखाम-पांजराटोला का सामने आया है। जहां निर्माणाधीन पुल अतिवर्षा में बह गया है। इससे किसानों की खेतों में लगी लाखों रुपए की फसल बहने से उनको काफी नुकसान हुआ है। यही नहीं दूसरे छोर में निवासरत 20 से अधिक किसानों को आवागमन में परेशानी हो रही है। आरईएस विभाग के उपयंत्री सीके धारणे के अनुसार बारिश खत्म होते ही पुल निर्माण प्रारंभ कर दिया जाएगा
पुल नहीं, एप्रोच टूटा
पुल क्षतिग्रस्त नहीं है, बल्कि पुल के किनारे लगे एप्रोच टूट गए हैं। इसका सुधार कार्य जल्द करा दिया जाएगा। एप्रोच टूटने से बीच की जो छत है, वह नीचे धंस गई है। -हिमांशु तिवारी, कार्यपालन यंत्री, आरईएस विभाग,सीधी