Naresh Bhagoria
30 Nov 2025
भोपाल। मध्य प्रदेश में अंगदान और अंगप्रत्यारोण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश में हार्ट, लंग्स और पैंक्रियास जैसे अंग भी ट्रांसप्लांट होने लगे हैं। वहीं किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट भी बीते साल की तुलना में 30 प्रतिशत तक बढ़ रहे हैं। हालांकि चिंता की बात यह है कि देश में होने वाले कुल ट्रांसप्लांट में मप्र का योगदान सिर्फ 0.7 फीसदी ही है।
देश में हर साल 1100 से ज्यादा ब्रेन-डेड ट्रांसप्लांट होते हैं। इनमें से मप्र में सिर्फ सात से आठ ट्रांसप्लांट ही होते हैं। यह आंकड़े नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यु ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (नोट्टो) की हाल ही में जारी एनुअल रिपोर्ट 2024-25 से सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक देश मे ट्रांसप्लांट की संख्या बीते साल की तुलना में 16 फीसदी तक बढ़ गई। रिपोर्ट के मुताबिक देश में कुल ट्रांसप्लांट में पांच राज्य तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात की हिस्सेदारी 82% से अधिक है।
एनुअल रिपोटर्ठ के साथ नोट्टो द्वारा नई गाइडलाइन भी जारी की गई। इसके अनुसार, हर राज्य में अब ऑर्गन वेटिंग लिस्ट में महिलाओं को अतिरिक्त अंक देने का प्रावधान किया जाएगा। इससे ट्रांसप्लांट के लिए महिला मरीजों को अंग जल्दी प्राप्त होंगे। इसके अलावा, यदि किसी पूर्व दिवंगत दाता के निकट संबंधी को अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता हो, तो उसे प्राथमिकता दी जाए।
बीते दो सालों में प्रदेश में ट्रांसप्लांट के सुविधाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। एम्स भोपाल में हाल ही में सफल हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद अब लंग्स ट्रांसप्लांट की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही यहां पीडियाट्रिक ट्रांसप्लांट की भी तैयारियां हो चुकी है। इंदौर में लंग्स ट्रांसप्लांट किया जा चुका है। इसके साथ ही किडनी, लिवर, पेक्रियाज, बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए सरकारी ट्रांसप्लांट सेंटर तैयार हो चुके हैँ।
प्रदेश में ट्रांसप्लांट को बढ़ावा देने सरकार लगातार प्रयास कर रही है। हाल ही में सरकार ने अंगदान करने वाले नागरिकों के देहदान करने अथवा ह्रदय, लीवर या किडनी का दान करने के बाद उनके परिजनों को 26 जनवरी और 15 अगस्त के जिला स्तरीय कार्यक्रमों में सम्मानित करने का निर्णय लिया। देहदान करने वाले नागरिक के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जाएगा।
[quote name="- डॉ. राकेश भार्गव, सचिव, अंगदान के लिए काम करने वाली संस्था किरण फाउंडेशन" quote="मप्र में अंगदान या ट्रांसप्लांट का काम कुछ सालों पहले ही शुरू हुआ है। अब इसके प्रति जागरुकता बढ़ रही है। दूसरे राज्यों में इस पर दशकों से काम हो रहा है। लेकिन बीते कुछ सालों में ऑर्गन डोनेशन के प्रति जागरुकता बढ़ी है। अगले कुछ सालों में मप्र भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।" st="quote" style="1"]