सैलरी बढ़ी फिर भी बवाल!नोएडा में दूसरे दिन भी सड़कों पर उतरे मजदूर, पथराव-तोड़फोड़ के बीच 300 गिरफ्तार; कौन भड़का रहा हिंसा?

नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। ऐसे में पुलिस ने पूरे एनसीआर में हाई अलर्ट जारी किया है। पुलिस से झड़प, पथराव और तोड़फोड़ के बीच 300 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं। सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में 3000 रुपए तक बढ़ोतरी कर दी है, उसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ है। जानिए पूरा मामला और मजदूरों की मांगें।
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नोएडा में दूसरे दिन भी सड़कों पर उतरे मजदूर, पथराव-तोड़फोड़ के बीच 300 गिरफ्तार; कौन भड़का रहा हिंसा?
फाइल फोटो
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा और कई जगहों पर हालात तनावपूर्ण हो गए। मजदूर सड़कों पर उतर आए और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। कुछ इलाकों में पथराव और तोड़फोड़ भी हुई, हालांकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात को काबू में कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार ने मजदूरी बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है, लेकिन इसके बावजूद माहौल पूरी तरह शांत नहीं हो पाया है।

    दूसरे दिन क्या हुआ?

    मंगलवार को भी नोएडा के कई इंडस्ट्रियल सेक्टरों में मजदूर एकत्र हुए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ जगहों पर स्थिति अचानक बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने 2-3 स्थानों पर पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया, जिससे तनाव और बढ़ गया। हालांकि, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को वहां से खदेड़ दिया। कुछ ही समय में स्थिति नियंत्रण में आ गई, लेकिन तनाव का माहौल बना रहा।

    पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम

    स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुबह 5 बजे से ही पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने इंडस्ट्रियल इलाकों में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया। CCTV कैमरों और ड्रोन की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। PAC और RAF की 16 टुकड़ियां अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। कई कंपनियों ने एहतियात के तौर पर अपने कामकाज बंद कर दिए हैं। पुलिस कमिश्नर के अनुसार अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और हिंसा भड़काने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी पहचान की जा रही है।

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    हिंसा के पीछे कौन?

    पुलिस जांच में यह सामने आया है कि, इस आंदोलन को कुछ बाहरी तत्वों ने भड़काने की कोशिश की। जानकारी के मुताबिक, रातों-रात कई व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए और QR कोड के जरिए लोगों को इन ग्रुप्स से जोड़ा गया। इन प्लेटफॉर्म्स पर भड़काऊ संदेश फैलाए गए, जिससे माहौल खराब हुआ। पुलिस का कहना है कि, कई ऐसे लोग पकड़े गए हैं जो मजदूर नहीं हैं, लेकिन आंदोलन में शामिल होकर हिंसा फैला रहे थे। 

    पुलिस ने 50 से अधिक ऐसे अकाउंट्स की पहचान की है, जिनके जरिए हिंसा भड़काने की कोशिश की गई। कई अकाउंट पिछले 24 घंटे में ही बनाए गए थे और इनके जरिए भ्रामक पोस्ट और वीडियो वायरल किए गए। अब इनकी जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

    पहले दिन कितना हुआ नुकसान?

    सोमवार को शुरू हुआ यह आंदोलन काफी उग्र हो गया था और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। करीब 42 हजार मजदूर 83 अलग-अलग जगहों पर सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की गई, 50 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया और 150 से अधिक वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। कई जगहों पर पुलिस पर भी पथराव हुआ, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए थे।

    यह भी पढ़ें: UP में 21% तक बढ़ी कर्मचारियों की सैलरी : नोएडा प्रोटेस्ट के बाद योगी सरकार का बड़ा फैसला, 1 अप्रैल से होगा लागू

    सरकार का बड़ा फैसला- मजदूरी बढ़ाई

    हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन बढ़ाने का ऐलान किया। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएगी। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक जिलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की गई है। जहां अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों की सैलरी में करीब 2 से 3 हजार रुपए तक का इजाफा हुआ है। अन्य नगर निगम क्षेत्रों और जिलों में भी वेतन बढ़ाया गया है, ताकि मजदूरों को राहत मिल सके और स्थिति सामान्य हो सके।

    नई मजदूरी दरें (रुपए में)

    गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद

    श्रेणी

    पुरानी सैलरी

    नई सैलरी

    अकुशल

    11,313

    13,690

    अर्धकुशल

    12,445

    15,059

    कुशल

    13,940

    16,868

    नगर निगम क्षेत्र

    श्रेणी

    पुरानी

    नई

    अकुशल

    11,313

    13,006

    अर्धकुशल

    12,445

    14,306

    कुशल

    13,940

    16,025

    अन्य जिले

    श्रेणी

    पुरानी

    नई

    अकुशल

    11,313

    12,356

    अर्धकुशल

    12,445

    13,591

    कुशल

    13,940

    15,224

    मजदूरों की मुख्य मांगें

    सरकार की घोषणा के बावजूद मजदूरों की कई मांगें अब भी बाकी हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें हरियाणा की तरह 35 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी चाहिए। इसके अलावा वे ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, बोनस सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर, हर महीने तय तारीख पर वेतन और साप्ताहिक छुट्टी जैसी सुविधाएं चाहते हैं। कई मजदूर 20 हजार रुपए न्यूनतम वेतन की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि, मौजूदा बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है।

    कंपनियों की स्थिति और असर

    इस प्रदर्शन का असर इंडस्ट्रियल इलाकों में साफ देखा जा रहा है। कई कंपनियों के बाहर ‘आज कंपनी बंद है’ के पोस्टर लगाए गए हैं और उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। सड़कों पर जली हुई गाड़ियां और टूटे हुए शीशे इस हिंसा की गवाही दे रहे हैं। कई फैक्ट्रियों में भारी नुकसान हुआ है, जिससे उद्योगों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।

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    सरकार और प्रशासन का रुख

    राज्य सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में औद्योगिक विकास, श्रम विभाग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो मजदूरों और उद्योगपतियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि मजदूरों की समस्याओं को समझा जाएगा, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नुकसान की भरपाई भी उपद्रवियों से कराई जाएगी।

    DGP और अधिकारियों का बयान

    पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने मजदूरों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत से निकाला जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और प्रशासन का सहयोग करें।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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