बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में बुधवार (19 नवंबर) को एनडीए विधायक दल की अहम बैठक हुई, जिसमें चिराग पासवान और जीतन राम मांझी भी मौजूद थे। इस बैठक में बीजेपी के सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने तालियों के साथ मंज़ूरी दी।
NDA नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि 2005 से पहले वालों ने कोई काम किया? बिहार की असली प्रगति तो हमारी सरकार ने शुरू की। पहले से ज्यादा काम अब होगा। राज्य और तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने जोर दिया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा सहयोग मिल रहा है।
विधायक दल की बैठक के बाद नीतीश कुमार अपने आवास लौटे और फिर एनडीए नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा और बहुमत का पत्र सौंपकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। ध्यान देने वाली बात है कि यह 10वीं बार होगा जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, और पांचवीं बार नवंबर महीने में।