Naresh Bhagoria
2 Jan 2026
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैली बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि गुरुवार को एक ही दिन में 338 नए मरीज सामने आए, जबकि अब भी 32 मरीज आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बावजूद बीमारी का ग्राफ लगातार ऊपर चढ़ता जा रहा है। अब तक करीब 2800 से अधिक मरीज दूषित पानी की चपेट में आ चुके हैं। भागीरथपुरा स्थित शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में सुबह से लेकर देर रात तक मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। छोटे बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग कोई भी इस संक्रमण से अछूता नहीं रहा। अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
इलाके के हालात यह हैं कि कई परिवारों में एक साथ सभी सदस्य बीमार पड़ गए हैं। घरों में दवाइयों और ओआरएस के पैकेट बिखरे पड़े हैं। रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि नल से आने वाला पानी उनकी जान के लिए खतरा बन जाएगा। इलाके में अभी भी गहरा आक्रोश है। लोग सवाल कर रहे हैं कि जब समस्या लंबे समय से थी, तो समय रहते उसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया।
टैंकर का पानी भी भरोसे के लायक नहीं
नगर निगम द्वारा इलाके में पानी के टैंकर तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन हालात ऐसे हैं कि लोग उस पानी का इस्तेमाल करने से भी डर रहे हैं। कई परिवार मजबूरी में बाहर से आरओ का पानी मंगवाकर पी रहे हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च अब एक नई परेशानी बन गया है।
घर-घर सर्वे, 21 टीमें मैदान में
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्थिति को संभालने के लिए 21 स्वास्थ्य टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं और उन्हें उबला हुआ पानी पीने, बाहर का भोजन न करने तथा साफ-सफाई बनाए रखने की समझाइश दे रही हैं।
अस्पतालों में अब भी 201 मरीज भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 272 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें से 71 मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिए गए हैं। फिलहाल शहर के विभिन्न अस्पतालों में 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 32 मरीज आईसीयू में गंभीर अवस्था में उपचाररत हैं। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन मरीजों की संख्या चिंता बढ़ा रही है।
जोन नंबर पांच में बढ़ी जल संबंधी शिकायतें
भागीरथपुरा में दूषित जल से दर्जनों मौतों के बाद अब नगर निगम के अधिकारी जल से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेने का दावा कर रहे हैं। साल के पहले ही दिन इसका असर देखने को मिला। इंदौर-311 हेल्पलाइन पर पिछले 24 घंटों में दोपहर 2.30 बजे तक 206 जल संबंधी शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें जोन नंबर पांच से सामने आई हैं, जो यह दर्शाता है कि समस्या सिर्फ भागीरथपुरा तक सीमित नहीं रह गई है।