Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

GenZ हिंसा की जांच ने मचाई हलचल!पूर्व PM केपी ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार

नेपाल की राजनीति में शनिवार सुबह बड़ा हलचल मची। पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भक्तपुर स्थित उनके घर से और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को सूर्यविनायक से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सितंबर 2025 के Gen-Z आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और लापरवाही के आरोपों में की गई है।
पूर्व PM केपी ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार
social media
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    काठमांडू। नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ लेते ही नेपाल की राजनीति में शनिवार सुबह अचानक हलचल मच गई। पुलिस ने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन (युवाओं के प्रदर्शन) से जुड़ी घटनाओं में लापरवाही के आरोप में हुई है।

    गिरफ्तारी की पूरी कहानी

    पुलिस ने ओली को भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके घर से सुबह करीब 5 बजे हिरासत में लिया। वहीं, रमेश लेखक को उनके सूर्यविनायक स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया।

    /img/99/1774671188154

    अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की शिकायत और जांच आयोग की सिफारिशों के आधार पर हुई। आयोग ने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान नेताओं और अधिकारियों की लापरवाही की वजह से 77 लोगों की मौत हुई और अरबों की संपत्ति का नुकसान हुआ। इस मामले में दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    गिरफ्तारी के दौरान काठमांडू घाटी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। पुलिस की कई टीमें तैनात थीं ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोका जा सके।

    ये भी पढ़ें: नेपाल की पहली महिला ट्रांसजेंडर सांसद : अपने जीवन पर आधारित पुस्तक प्रकाशित की, संविधान को लेकर कही बड़ी बात

    मेडिकल जांच के बाद बटालियन में शिफ्ट

    गिरफ्तारी के तुरंत बाद दोनों नेताओं को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उन्हें महाराजगंज स्थित आर्म्ड पुलिस फोर्स की बटालियन नंबर-2 में रखा जाएगा। यह कदम जारी कस्टडी प्रक्रिया का हिस्सा है।

    प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक

    इस गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शपथ ली थी। उनके नेतृत्व में कैबिनेट बैठक में जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का फैसला लिया गया। रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रदर्शन के दौरान हालात को सही तरीके से संभालने में भारी लापरवाही हुई।

    गौरतलब है कि अधिकारियों के पास पहले से चेतावनी (इंटेलिजेंस) थी, लेकिन सही कदम नहीं उठाए जाने के कारण प्रदर्शन हिंसक रूप ले गया और कई लोगों की जान चली गई।

    Gen-Z आंदोलन: क्यों भड़के थे युवा?

    सितंबर 2025 में नेपाल में युवा भारी नाराजगी में थे। ओली सरकार ने यूट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देशव्यापी बैन लगा दिया।

    ये भी पढ़ें: जेन-जी आंदोलन से इलेक्शन तक : नेपाल की तस्वीरों में अब तक क्या-क्या बदला?

    युवा उच्च बेरोजगारी (20.6%), भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। #NepoBaby ट्रेंड ने अमीर-गरीब के अंतर को उजागर किया। आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में 77 लोगों की मौत और अरबों रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ।

    बालेन शाह की जीत

    Gen-Z आंदोलन के दबाव में मार्च 2026 में समय से पहले स्नेप इलेक्शन हुए। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने भ्रष्टाचार विरोधी वादों के दम पर बहुमत हासिल किया।

    इस चुनाव में करीब 9.15 लाख नए वोटर्स शामिल हुए, जिनकी औसत उम्र सिर्फ 25 साल थी। युवाओं के इस भारी समर्थन ने बालेन शाह को सत्ता तक पहुँचाया और अब उनकी सरकार पुराने मामलों में सख्ती दिखा रही है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

    Latest Posts