जमीन घोटाले में सस्पेंड CSP नेहा पच्चीसिया की याचिका पर फैसला सुरक्षित, हाईकोर्ट में पूरी हुई सुनवाई

जबलपुर। जमीन घोटाले के आरोपों के चलते निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
FIR को चुनौती देकर हाईकोर्ट पहुंचीं नेहा पच्चीसिया
दरअसल, कटनी के कुठला थाने में जमीन घोटाले को लेकर दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए नेहा पच्चीसिया ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में उन्होंने खुद को झूठा फंसाए जाने का दावा किया है। वहीं, मामले के शिकायतकर्ता परिक्रमावासी वनप्रस्थी महंत मनीद्वीपम अविनाश तिवारी ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें पूरे जमीन घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है।
दोनों पक्षों ने रखीं अपनी दलीलें
मामले में नेहा पच्चीसिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे पैरवी कर रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह, शासकीय अधिवक्ता अमित पाण्डेय और पैनल अधिवक्ता अद्वैत पाराशर ने पक्ष रखा। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने पैरवी की। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है।




















