🌤️
--Bhopal, India

सिस्टम की लापरवाही से मासूम की मौत :आग में झुलसी 5 महीने की बच्ची, लटेरी से गुना तक न एम्बुलेंस मिली, न समय पर इलाज

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में पांच महीने की मासूम आराध्या अहिरवार जलते अलाव में गिर गई और गंभीर रूप से झुलस गई। माता-पिता इलाज के लिए लटेरी और गुना अस्पताल भटकते रहे, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही और देरी के कारण मासूम की मौत हो गई। यह घटना प्रशासन की संवेदनहीनता उजागर करती है।
Follow on Google News
आग में झुलसी 5 महीने की बच्ची, लटेरी से गुना तक न एम्बुलेंस मिली, न समय पर इलाज
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। विदिशा जिले की लटेरी तहसील के ग्राम नीसोर्बी की रहने वाली पांच महीने की मासूम बच्ची इलाज के अभाव में दम तोड़ बैठी। हादसे के बाद माता-पिता घंटों इलाज के लिए भटकते रहे, लेकिन न समय पर एम्बुलेंस मिली और न अस्पताल में तुरंत इलाज।

    अलाव तापते वक्त हुआ हादसा

    रविवार रात कड़ाके की ठंड से बचने के लिए घर के बाहर बच्चे अलाव ताप रहे थे। इसी दौरान पांच महीने की बच्ची आराध्या अहिरवार फिसलकर जलते अलाव में गिर गई। परिजन तुरंत उसे बाहर निकाल लाए, लेकिन तब तक बच्ची बुरी तरह झुलस चुकी थी।

    लटेरी अस्पताल में नहीं मिली मदद

    घबराए माता-पिता बच्ची को तुरंत लटेरी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां बच्ची दर्द से तड़प रही थी, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ ने गंभीरता नहीं दिखाई। माता-पिता ने बार-बार सरकारी एम्बुलेंस की मांग की, लेकिन उन्हें साफ मना कर दिया गया।

    मजबूरी में निजी वाहन से गुना पहुंचे

    कई घंटे की गुहार के बाद भी जब कोई मदद नहीं मिली, तो परिजन मजबूरी में निजी वाहन से बच्ची को गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि वहां उनकी बच्ची को समय पर इलाज मिल जाएगा।

    गुना जिला अस्पताल में भी देरी

    गुना पहुंचने के बाद भी हालात नहीं सुधरे। पिता के अनुसार, गंभीर रूप से झुलसी बच्ची को तुरंत इलाज देने के बजाय अस्पताल स्टाफ कागजी प्रक्रिया में उलझा रहा। पर्चा बनवाने और डॉक्टर के आने का इंतजार कराने में करीब डेढ़ घंटे की देरी हो गई।

    इलाज शुरू होने से पहले टूट गई सांसें

    जब डॉक्टरों ने आखिरकार इलाज शुरू किया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पांच महीने की मासूम ने दम तोड़ दिया। रविवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    जिम्मेदारों पर सवाल?

    इस दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. वीरेन्द्र सिंह रघुवंशी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

    icon

    Latest Posts