Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

बांधवगढ़ में बाघ के सामने सेल्फी का क्रेज!खतरे के बीच लापरवाह दिखे लोग, प्रबंधन की लापरवाही पर उठे बड़े सवाल

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी गेट के पास शनिवार सुबह एक बार फिर खतरनाक लापरवाही सामने आई, जब एक डीएम बाघ सड़क पार करता नजर आया और लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उसका वीडियो बनाते रहे।
खतरे के बीच लापरवाह दिखे लोग, प्रबंधन की लापरवाही पर उठे बड़े सवाल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी गेट के पास शनिवार सुबह एक बार फिर खतरनाक लापरवाही सामने आई, जब एक डीएम बाघ सड़क पार करता नजर आया और लोग अपनी जान जोखिम में डालकर उसका वीडियो बनाते रहे। हैरानी की बात यह रही कि बाघ जंगल की ओर बढ़ रहा था लेकिन कई लोग अपने वाहन रोककर वहीं खड़े रहे और कुछ तो वाहन से उतरकर उसके बेहद करीब पहुंचने की कोशिश करते दिखे। यह स्थिति किसी भी समय गंभीर हादसे में बदल सकती थी लेकिन सौभाग्य से बाघ बिना किसी घटना के जंगल में लौट गया।

    /img/116/1774880168594

    वीडियो बनाने की होड़ में खतरे को किया नजरअंदाज

    वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि लोगों ने सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।

    सड़क पर खड़े वाहन, मोबाइल कैमरे और बाघ के पास जाने की कोशिश ये सभी हालात बेहद खतरनाक थे। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का व्यवहार न सिर्फ इंसानों के लिए, बल्कि बाघ के लिए भी जोखिम भरा होता है क्योंकि अचानक घबराकर वह हमला भी कर सकता है।

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर बाघों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई बार इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

    प्रबंधन पर उठे सवाल, सुरक्षा इंतजाम नाकाफी

    घटना ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस इलाके में लगातार वन्यजीवों की मौजूदगी रहती है, वहां ट्रैफिक कंट्रोल, स्पीड लिमिट और जागरूकता के उपाय नदारद हैं। पर्यटक और स्थानीय लोग बिना किसी रोक-टोक के ऐसे क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

    क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार?

    यह घटना साफ तौर पर लापरवाही को उजागर करती है। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं? अगर उस समय बाघ आक्रामक हो जाता, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

    ये भी पढ़ें: डिंडौरी में शौचालय में मिड- डे मिल : प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, 2 शिक्षक सस्पेंड, कारण बताओ नोटिस भी जारी हुआ

    तुरंत सख्त कदम उठाने की जरूरत

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में तुरंत सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। वाहनों की गति सीमित करना, चेतावनी संकेत लगाना और लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। वरना अगली बार यह सिर्फ वीडियो नहीं, बल्कि एक बड़ा हादसा भी बन सकता है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

    Latest Posts