NEET परीक्षा रद्द मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा :FAIMA बोला- NTA पर अब बिल्कुल भरोसा नहीं, SC अपनी निगरानी में रिएग्जाम कराएं

नई दिल्ली। NEET UG 2026 परीक्षा रद्द मामले सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इसमें फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। जिसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की। FAIMA ने दलीलें दी कि NTA की कार्यप्रणाली से अब भरोसा उठ चुका है। इसलिए मौजूदा गवर्निंग बॉडी का पुर्नगठन किया जाना चाहिए।
CBI लगातार कर रही कार्रवाई
पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई महाराष्ट्र के नासिक पहुंची, जहां आरोपी शुभम खैरनार को कस्टडी में लिया गया। वहीं राजस्थान एसओजी टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम में छापेमारी कर एमबीबीएस छात्र यश को हिरासत में लिया। छात्र पर पेपर लीक नेटवर्क और परीक्षार्थियों के बीच कड़ी होने का शक है।
NTA डीजी ने मानी गड़बड़ी
- 12 मई को एनटीए ने आधिकारिक तौर पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी के लिए एजेंसी जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि 6 से 8 दिनों के भीतर नई परीक्षा तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
- ऐसे फैला ‘क्वेश्चन बैंक’
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पेपर सीधे लीक नहीं हुआ बल्कि ‘क्वेश्चन बैंक’ के जरिए सवाल फैलाए गए। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। सभी सवाल हाथ से लिखे गए थे और उनकी हैंडराइटिंग एक जैसी बताई जा रही है।
टाइमलाइन से समझिए पूरा मामला
1 मई: केरल में MBBS पढ़ रहे छात्र ने कथित क्वेश्चन बैंक राजस्थान भेजा।
2 मई: सीकर में पीजी संचालक और छात्रों के बीच सवाल शेयर किए गए।
3 मई: परीक्षा के बाद पीजी संचालक ने पुलिस और NTA को शिकायत दी।
6-7 मई: सोशल मीडिया और कोचिंग सेंटर्स में पेपर मिलान की चर्चाएं शुरू हुईं।
7 मई: NTA ने पहली बार गड़बड़ी के इनपुट मिलने की बात मानी।
8 मई: मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया।10 मई: राजस्थान एसओजी ने 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
खान सर बोले- NTA मतलब 'Never Trustable Agency'
शिक्षा मंत्री सवालों से बचते दिखे
दिल्ली में जब मीडिया ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पेपर लीक को लेकर सवाल पूछा तो वह बिना जवाब दिए वहां से निकल गए। इसे लेकर विपक्ष और छात्रों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में गुस्सा और चिंता बढ़ गई है। कई छात्र लंबे समय से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। अब दोबारा परीक्षा देने की मजबूरी और नई तारीखों के इंतजार ने तनाव बढ़ा दिया है। खासकर मध्यप्रदेश के करीब 1.20 लाख छात्रों पर इसका सीधा असर पड़ा है।
अब तक कितनी गिरफ्तारी हुई
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में राजस्थान से लेकर हरियाणा और महाराष्ट्र तक जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। राजस्थान एसओजी ने अब तक सीकर, झुंझुनू और आसपास के इलाकों से 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुछ छात्र, करियर काउंसलर और कोचिंग से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
वहीं सीकर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े करियर काउंसलर पर आरोप है कि उसने कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ छात्रों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। जो सवालों के घेरे में है। हरियाणा के गुरुग्राम के फरुखनगर इलाके से एमबीबीएस छात्र यश को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि वह पेपर लीक गैंग और छात्रों के बीच संपर्क का काम कर रहा था। महाराष्ट्र के नासिक से आरोपी शुभम खैरनार को सीबीआई ने कस्टडी में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है कि पेपर लीक नेटवर्क किन राज्यों तक फैला था।











