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गाने के बोल से बवाल तक:नोरा-संजय के‘सरके चुनर’ पर महिला आयोग का शिकंजा

हाल ही में रिलीज हुए गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गाने के बोल, डबल मीनिंग लाइंस और डांस प्रस्तुति पर सोशल मीडिया से लेकर अलग-अलग मंचों पर सवाल उठ रहे हैं।मामला बढ़ने पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त कदम उठाया है।
नोरा-संजय के‘सरके चुनर’ पर महिला आयोग का शिकंजा
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    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    हाल ही में रिलीज हुए गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। गाने के बोल और डांस स्टेप्स को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि इसमें इस्तेमाल की गई भाषा और प्रस्तुति शैली आपत्तिजनक है और समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है।

    जैसे-जैसे यह मामला आगे बढ़ा, यह सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर भी चर्चा का विषय बन गया।

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    महिला आयोग का सख्त रुख

    राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस पूरे मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने गाने से जुड़े कई प्रमुख लोगों को समन जारी किया है।

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    आयोग का कहना है कि यह कंटेंट महिलाओं की गरिमा के खिलाफ प्रतीत होता है और इसमें अश्लीलता के संकेत मिलते हैं। इसी आधार पर संबंधित पक्षों को जवाब देने के लिए बुलाया गया है।

    किन-किन लोगों को मिला समन?

    NCW ने इस मामले में अभिनेत्री, अभिनेता, गीतकार और प्रोडक्शन टीम से जुड़े लोगों को नोटिस भेजा है। अभिनेत्री नोरा फतेही, अभिनेता संजय दत्त, गीतकार राकीब आलम, प्रोड्यूसर और अन्य कलाकार इन सभी को 24 मार्च को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति उपस्थित नहीं होता है, तो उसके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    गाने पर क्यों उठे सवाल?

    इस गाने को लेकर मुख्य आपत्तियां इसके बोल और विजुअल प्रस्तुति से जुड़ी हैं। कई दर्शकों और आलोचकों का मानना है कि गाने में डबल मीनिंग शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, शुरुआती लाइनों में ऐसे संकेत हैं जो आपत्तिजनक माने जा रहे हैं। इतना ही नहीं डांस और कोरियोग्राफी में महिला कलाकार को ऑब्जेक्टिफाई किया गया है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि भले ही गाने का संदर्भ आगे चलकर किसी साधारण विषय से जुड़ता हो, लेकिन शुरुआती प्रस्तुति भ्रम और गलत संदेश पैदा करती है।

    यूट्यूब से हटाया गया वीडियो

    विवाद बढ़ने के बाद गाने का हिंदी वर्जन यूट्यूब से हटा दिया गया है। यह गाना पहले कई भाषाओं तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में भी रिलीज हुआ था, लेकिन फिलहाल हिंदी वर्जन किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।

    आगे क्या हो सकता है?

    NCW द्वारा जारी समन के बाद अब सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। आयोग उनके जवाब और स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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