Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

पहली बार भारत में पकड़ी गई जिहादी ड्रग “कैप्टागॉन” NCB ने 182 करोड़ की खेप जब्त की

एनसीबी ने ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत भारत में पहली बार 182 करोड़ रुपए की कथित जिहादी ड्रग कैप्टागॉन जब्त की है। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और दिल्ली से बरामद इस खेप को खाड़ी देशों में भेजा जाना था। मामले में एक विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी भी हुई है।
 “कैप्टागॉन” NCB ने 182 करोड़ की खेप जब्त की

 दिल्ली - नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भारत में पहली बार कथित “जिहादी ड्रग” कैप्टागॉन की बड़ी खेप जब्त कर बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने ‘ऑपरेशन रेजपिल’ के तहत गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और दिल्ली के नेब सराय इलाके से करीब 182 करोड़ रुपए कीमत की कैप्टागॉन गोलियां बरामद की हैं। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

इस मामले की जानकारी अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार “ड्रग फ्री इंडिया” के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह कार्रवाई उसी दिशा में बड़ा कदम है।

/img/67/1778994793933

 

गृह मंत्री ने कहा कि जब्त की गई ड्रग्स की खेप खाड़ी देशों में तस्करी के लिए भेजी जानी थी। मामले में एक विदेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है। अमित शाह ने इसे नशे के खिलाफ भारत की “जीरो टॉलरेंस” नीति का बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में आने वाले या देश को ट्रांजिट रूट बनाकर बाहर भेजे जाने वाले ड्रग्स के हर ग्राम पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एनसीबी अधिकारियों की सतर्कता और कार्रवाई की सराहना भी की।

 

क्या है कैप्टागॉन, जिसे कहा जाता है ‘जिहादी ड्रग’?

कैप्टागॉन एक बेहद खतरनाक और तेजी से लत लगाने वाला सिंथेटिक ड्रग माना जाता है। इसे “गरीबों का कोकीन” भी कहा जाता है, क्योंकि इसे कम लागत में तैयार किया जा सकता है, लेकिन इसका असर काफी तेज और लंबे समय तक रहने वाला होता है।

यह ड्रग खासतौर पर सीरिया और मिडिल ईस्ट के संघर्षग्रस्त इलाकों में चर्चा में रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक सीरियाई गृहयुद्ध के दौरान इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों के लड़ाके लंबे समय तक जागे रहने, डर कम महसूस करने और लगातार सक्रिय रहने के लिए इसका इस्तेमाल करते थे। इसी वजह से इसे “जिहादी ड्रग” कहा जाने लगा।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

Latest Posts